आफताब आलम काण्ड : अदालत के न्याय देख के ही मरे के इच्छा बा

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    रौतहट, २ कार्तिक ।

    श्रीनारायण सिंह बेटा के हत्यारा के कानूनी करवाही जब ले ना होई तब ले काज किरिया ना करे के प्राण कईले रहले । २०६४ चईत २७ गते राजपुर मे भईल बम ब्लास्ट मे बेटा मारल गईले के शोक मे उनकर कईल प्रण अब पूरा होखे के आशा लउक रहल बा ।

    २०६४ साल के संबिधानसभा निर्वाचन मे सब कोई प्रचार प्रसार मे जुटल रहे लोग । सिंह के जेठ बेटा त्रिलोकप्रताप के बोले के शैली से जनता के प्रभाव परी क़हत नेपाली कांग्रेस के कार्यकर्ता शेख भदई १८ चईत मे घर मे ही आ के राजपुर ले गईल रहले । आपन २४ साल के बेटा निर्वाचन बूथ कब्जा करे खातिर कांग्रेस उम्मेदवार मोहम्म्द आफताब आलम द्वारा बनवावल जा रहल बम के शिकार भईले श्रीनारायण सिंह बतवले ।

    राजपुर के बमब्लास्ट के आवाज अगलबगल के गाँव मे भी सुनाइल रहे उ बतवले । उनका हिसाब से बम जवन घर मे बनावल जा रहे उहे घर के बाहर त्रिलोक ब्लास्ट मे घायल भईल अवस्था मे घर आवे के चाहत रहले माकिर आलम के कार्यकर्ता लोग इलाज करावे के बहाना मे रोकले रहेलोग । हमार बेटा घायल ही खाली भईल रहले, मरल ना रहले, ७९ साल के सिंह कहले, बम ब्लास्ट के घटना लुकावे खातिर उनका के इलाज के बाहाना मे बेहोस क के ईटटा भट्टा मे जियते झोक के जरा देहले लोग ।

    त्रिलोकी के संघही घाइते ओशी अख्तर के भी भट्टा मे दाल के जरावल गईल उ बतवले । उनका हिसाब से बेटा घायल हो गईल सुन के उनका के खोजते गईल उनकर मतारी रुकसाना खातून भट्टा के बाहर आपन बेटा के खाली जूता देखली । आपन बेटा के हत्या भईल बा क़हत प्रहरी के शरण मे पहुचल सिंह आ खातून के निवेदन प्रहरी दर्ता करे के ना मनला के बाद उ लोग सर्वोच्च आदालत पहुचल रहेलोग ।

    उ अक्षम्य अपराध भईला १२ साल के बाद रौतहट क्षेत्र नम्बर २ से प्रतिनिधि सभा सदस्य रहल पूर्वमंत्री मोहम्मद आफताब आलमके बितल एतवार के दिने प्रहरी हिरासत मे लेहलख । घटना मे सामील दोसार चार जाने अभी ले फरार बा लोग । १३ वा साल मे अब त्रिलोक के नियमपूर्वक कामकिरिया करेम सिंह कहले, हमार बेटा के आत्माके शांति अदालत हत्यारा सब के सजाय देहला के बाद ही मिली । अदालत से न्याय स्थापित भईल देख के ही मरे के बा सिंह कहले । श्रोत : अनलाइनखबर

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