एक अइसन वियाह, जंहवा दहेज के जगह दहेज के खिलाफ ब्यानर टांगल रहे

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चैत १, कलैया, बारा

नेपाल भारत सहित मधेश मे भी जड़ गाड़के रहल दहेज प्रथा से पीड़ित समाज मे मधेशी ही ना थारु समुदाय भी ओतने पीड़ित बा । थारु समुदाय मे आजकल लड़की के शादी करत बेर दहेज के रूप मे मोटरसाइकल देवे के लगभग चलने हो गईल बा । ई प्रथा खास कर बारा, पर्सा आ रौतहट मे एगो रोग के रूप ले लेहले बा । बाक़िर बितल मंगर के परम्परागत कु-संकृति के चुनौती देत थारु समुदाय के एक युवक बिना दहेज वियाह करके सब के ध्यान खिचलन ।

करैया गांवपालिका के कार्यकारी अधिकृत आमोद चौधरी आपन विवाह बिना कवनों दहेज के कइले रहलन । दहेज एक सामाजिक अउरी सांस्कृतिक अपराध ह लिखल ब्यानर टांङ के ऊ आपन वियाह कइले रहलन । आपन भाषा आ अङ्ग्रेज़ी दुनु मे दहेज के खिलाफ लिखल ब्यानर टांग के समूचा गाँव आ परिजन लोगके दहेज के बिरुद्ध एक होखे के अभियान के अलग तरीका से प्रचार के सुरुवात कइले रहलन ।

बारा पाथरा के आमोद बारागढ़ी के सरिता चौधरी से वैवाहिक बन्धन कइले रहलन । वियाह मे लड़की ओरसे देवेवाला सम्पति के ना स्वीकारत आमोद कहनी की दहेज मांगे से दहेज ना लेहेम कहके समझावल जादा मुसकिल बा । ‘लोग सिधा दहेज मंगेला, बार्गेनिङ करेला, ओसे भी जादा त हमरा कुछों ना चाहि कहके समझावल मुसकिल रहे, चली अंत मे उनकर परिवार के मनावे मे सफल भइनी क़हत कु-संस्कार के खिलाफ सब केहु के आपन आपन जगह से आवाज उठावल जरूरी बा’, आमोद कहनी ।

देश २१ वा शताब्दी मे प्रवेश कर चुकल बा आ हमनी अभिन ले १८ शताब्दी के कुरुती ढोवत बानी सन, एकरा के अन्त करे खातिर कडा नीति नियम बनावे के बात क़हत ऊहा के आगे कहनी की करैया गाँवपालिका बारा मे प्रमुख प्रसासकीय पद मे कार्यरत रहल बेर तक आर्थिक वर्ष २०७४/०७५ के नीति तथा कार्यक्रम मे समेत दहेज प्रथा आ बालविवाह के न्यून करे के नीति लेहले बानी । जनप्रतिनिधि लोग के भी दहेज आ बालविवाह के बिरुद्ध अभियान के मूर्त रूप देवे खातिर अपने से सुरुवात करे के परी कहके उत्साहित करे लोग उनकर कहनाम रहे ।

फोटो साभार – थारुवान

ओने दहेज भा कुछों जिंसी ना लेवल बात कईला पर लड़की पक्ष भी आश्चर्य मे परल रहे आ ई असम्भव बा कहके कुछों ना देहला पर हमनी के बेज्जत होई जैसन लागल दुल्हि सरिता चौधरी बतवली । कुछ ना कुछ नहियर से लेके जाए के पक्ष मे उहो रहली बाक़िर आमोद के अभियान सफल पारे खातिर सरिता संघे उंकर परिवार कुछों ना देवेके बात पर सहमत भईल रहे । दहेज मांगल गलत बा माकिर कुछ हमनी देवे के चाहला पर भी ऊहा के कुछों ना लहनी, सरिता सुनईलि ।

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