एक रीतिरिवाज जहाँ सुअर से गाय भैस के डाढ खेलावल गईल

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प्रभु यादव ।
कातिक 2३ । कलेया, बारा ।

बारा के कलेया उपमहानगरपालिका वार्ड नम्वर २ मे सुअर से गाय, भैस, बैल के डाढ खेलावल गईल बा । बितल देवदियरी के बिहान भईला सोहरईया मनावत डाढ खेलावल गइल बा ।

वार्ड २ मे रहल अमवाटोला, पकडी अा अवधापुर के गाँव मे अापन अापन गाय-भैस, बछा-बाछी , पडापाडी अा बैल के परति पर लेजा के सुअर फेक फेक के डाढ खेलावल गईल ।

शरद पुर्णिामा के सोरहवे देवदियरी मनावला के बिहान भईला गोवर्धन पुजा कइला के वाद घर मे पालल गइल जनावर सब के सिधेमाथे छाप के टीका लगाके लटकन लगाँवल जाला । गाय, भैस, बैल, बाछाबाछी, पाडापाडी, बकरी लगायत पाल्तु जनावर सब के निमन चिकन खिया के नया नया पगहा, गरदाव, नाथ, मोहरी, कन्ठा अउर घुघुर कउडी के माला लगाँवल जाला ।

अोहि दिन के तिजहरीया मे सुअर के पछिला गोड छान के परती चरन भईल जगह मे गाय, भैस, बैल अा बछाबाछी, पाडापाडी के लेजा के अागवा मे सुअर फेकल जाला जवना के पशु सब थुथुन से अा गोड से मार मार के खेलेला जवना के डाढ कहल जाला । सुअर के लामा पगहा मे बाध के घिसियावला पर सुवर तेज आवाज के साथ कहरेला जवना से गाय भैस खुनसा के मारेला ।

गाय भैस के प्रतिरोधि अा रक्षात्मक तालिम देहल जाला जवना के डाढ कहल गइल भोजपरी कवि रामप्रसाद साह जनकारी करावले बानी । भोजपुरी लोग अरण्य सस्कृति से जुडल उल्लेख मिलेला डाढ कवि साह जनकारी देहनी । गाय भैस नजदीक के जगल मे चरत रहल जवन अापन रक्षा करेके अा बच्चा सब के बचावेला सुरक्षा करेखातीर तालिम कृषि पशुपालक लोग के चलावल चलन अाजुतक कायम रहल कवि साह कहनी । गाय सब मोर्चा बन्दी करके बाघ के अाक्रमण से बचेके अा अाक्रमण ना करेदेवे के उपाय सिकला पर बाध के भागे के परेला कवि जनकारी करावले बानी ।

कलेया २ के जनकार रामनारायण यादव सोहराइया के दिन पशु सब के सुअर सुघावला पर लागेवाला विमारी सब ना अावेला जनकारी देहनी । पहिले से चलत अाइल रितिरिवाज के कायम राखेला डाढ के अायोजना कईल गईल सुरेश यादव जनकारी देहनी ।

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