एसिड अटैक : (एसिड प्रहार वा तेजाब प्रहार ) : फर्स्ट ऐड आ बचाव –

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एसिड अटैक : (एसिड प्रहार वा तेजाब प्रहार ) : फर्स्ट ऐड आ बचाव 

मिथिलेश चौरसिया

इतबार के सुबह काठमांडू के बसंतपुर के टयूसन करत बेर एक अज्ञात ब्यक्ति से दुगो बिद्यार्थी संगीता थापा मगर आ  भीमा बस्नेत पर एसिड (तेजाब ) प्रहार भईल रहे । एसिड प्रहार केकरो पर होखो जवन कारन से भी होखो माकिर यी मानवीय सभ्यता के सबसे निक्रिस्ट आ तुक्छ ब्यवहार हँ । एकर दोषी के कड़ा सजाय होखेके ही चाही । एसिड अटैक के पीड़ित के ब्याक्तिगत से भी जादे सरकारी स्तर पर देखेके चाही आ पीड़ित के स्वस्थ्य खर्च राज्य सरकारके उठावेके चाही काहेकी एक रिपोर्ट अनुसार एसिड अटैक सामान्य घटना ना हँ , एकरा के पूर्ण रूपसे रोक सकल जाता काहेकी रिपोर्ट में कहल गईल अनुसार तेजाब व एसिड देश व राज्य में केतना आसानी से उपलग्ब्ध बा वोकरे मुताबिक ऐसन घटना भी घटेला । मतलब जवान देश में बहुते आसानी से एसिड मिलेला वो देश में एसिड अटैक के घटना जादे बा जैसे की इंडिया , पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि । मतलब साफ बा सरकार एसिड के बेच बिखान में जादा कड़ाई करो त एसन घटना के रोक सकल जाता । वोहिसे एसन घटना के जिम्मेवारी सरकार के भी हँ । वोइसे भी नेपाल में सरकारी धुकुटी से करोडो खर्च करके नेता लोग अपन स्वस्थ्य उपचार करा सकत बा त एसिड अटैक के पीड़ित कहेना ? 

चली एसिड अटैक के बारेमे कुछ चर्चा कईल जाये – 

१. अटैक भईला पर – 

एसिड अटैक भईला पर का करके चाही – 

– सबसे पाहिले त अगर कौनो ब्यक्ति अपरिचित बा आ कुछ भी अपन वोर फेकेके कोसिस करत बा आ अपना कुछ ख़राब महसूस होता त तुरुन्त अपने जोर जोर से चिल्लाई … चिल्लाहट से आस पास के लोग के ध्यान अपन और होजाई आ संकस्पद ब्यक्ति घबरा के भाग भी सकेला । 

– अगर एतना कईला पर भी एसिड अपने के सरीर के कौनो भी हिस्सा में पड़ जाता त जेतना जल्दी हो सके पानी के पास जाई आ तुरुन्त कम से कम आधा घंटा तक पानी से धोवत रही । 

जेतना ठंडा पानी होखे वोटने किफायती बा ..आइस  के पानी भी प्रयोग कर सकत बानी 

– पानी नइखे आ पासमे दुध भी बा ता दूध के प्रयोग भी कर सकत बनी तब तक जब तक  अपने पानी उपलब्ध नइखे होजात ।

– कवनो भी केमिकल जवन छारिय (basic in nature ) बा वोकर प्रयोग कर सकत बनी जैसे की     — sodium hydroxide (एकॉस्टिक सोडा ) जवन की  किराना दोकान से मिल सकेला ..घर में रखी

– gelusil or any such syrup जैसन दावा लगा सकत बनी

– ना कुछु मिलल त घरमे white टूथपेस्ट होई वोकरा के लगा सकत बानी ..

२. याद रहे – एसिड अटैक में दौड़ के अस्पताल में जाये के जल्दबाजी ना करी । काहेकी अस्पताल में जाएके समय तक एसिड अपने के बहुते घातक साबित होसकता । जेतना जल्दी होखे वोतना जल्दी एसिड के पानी से निकलेके (dilute) कोसिस करी । एसिड शरीर पर जलन पैदा करेला जैसे की शरीर आगि में जलत होखे । वोहिसे अस्पताल जाये से पहले अच्छा से पानी में साफ करली ।

३. रोकथाम – क़ानूनी कडा सजा 

– एसिड के बितरण में कड़ा निगरानी आ सिर्फ औपचारिक बितरण , ब्याक्तिगत बितरण पर पूर्ण रोक ।

– मास्क लगावेके आदत भी एक कारगर बचाव के रूप में लेहल जा सकेला काहेकी एसिड अटैक में जादा तर मुह (अनुहार ) ही सबसे पहिला टारगेट रहेला । 

– महिला अपन सावधानी अपनाई, अपरिचित ब्यक्ति से परहेज आ संकापद ब्यक्ति के बारे मे पारिवारिक जानकारी दी ई  सबसे उचित सब्धानी हँ ।

ई त होगेल अटैक भईला पर के कदम अब तनिक एसिडअटैक के बारेमे जानल जाय  –

३.  इतिहास एसिड अटैक के – 

एसिड अटैक १८ सताप्दी से भी पहिले से जानकारी में बा । एकर प्रयोग सबसे पहिले फ्रांस में भईल रहे । यूरोप होते हुए एसिड अटैक बिषेस रुपसे  दक्षिण एशिया में अपन जड़ बनवले बा । सबसे पहिला एसिड अटैक जवन की रिकार्डेड रहे वू भईल १९६७ में बांग्लादेश में । वोकर बाद इंडिया (१९८२ ) आ कम्बोडिया (१९९३ ) 

– जानि टॉप दस देश जहा सबसे जादे एसिड अटैक भईल बा – 

१. बांग्लादेश २. इंडिया ३. कम्बोडिया ४. पाकिस्तान ५. वियतनाम ६. चाइना ७. केन्या ८. साउथ अफ्रीका ९. अफगानिस्तान १०. यूनाइटेड किंगडम 

खाली अकेले बांग्लादेश ३७४०  से जादे  एसिड अत्तक भईल बा १९९३ से अब तक।  ७७० केस रिकॉर्ड कैल गेल रहे २०१० – २०१४ के बिच में । 

४. केमिकल –  एसिड अटैक में खास तरह से जलन पैदा करेवाला केमिकल के प्रयोग कैल जाला जैसे की – सुल्फुरिक एसिड , नाइट्रिक एसिड आ हाइड्रोक्लोरिक एसिड भी बा माकिर हाइड्रोक्लोरिक एसिड बाकि के तुलना में कम प्रयोग होला कहे की कम इफ़ेक्टिभ होला .. 

५. एसिड अटैक कहा तक घातक हो सकेला –  एसिड अटैक बहुते घातक सिद्ध हो सकेला । प्रमुख रूपसे देखल गाईल बा की एकर प्रयोग पीड़ित के रूप रंग (संदर्य ) बिगारे लाए कईल जला । एकर प्रभाव एसिड के कंसंट्रेशन पर निर्भर करेला साथै केतना समय से कॉन्टैक्ट में बा आ केतना जल्दी neutralized कईल ह पानी से, यी सभे पर एकर असर निर्भर परेला । सबसे पहिले एसिड जहा पडल वहा के स्किन खाजाला । छाला सहित केश आख ओठ नाक सारा सूरत बिगड़ सकेला । आपने के बहोत दिन तक प्लास्टिक सल्यक्रिया करावेके पड़ सकत बा आ मनोबैज्ञानिक सल्लाह त चहबे करी । 

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६. एसिड अटैक के कारन – एसिड अटैक के कारन में सबसे बड़का कारन हँ – ब्याक्तिगत रिसिबी, चाहे उ प्यार के धोखा होखे या शादी तुटला पर होखे या दहेज़ के चलते भी होसकेला । पर्सनल ईगो भी एक प्रमुख कारण हँ । 

रोचक घटना – जादा तर लोग सोचेला कि एसिड अटैक पुरुष महिला पर करेला मगर १९९६ में पाकिस्तान के कराची में एक घटना भईल जवन की यी सोच से उल्टा रहे । एक महिला एक पुरुष पर एसिड अटैक कईलस सिर्फ यह वजह से की वू पुरुष अपन पुर्ब पत्नी के तलाख ना देलख कहल समय के मुताबिक ।

७. अंत में एक बात दिमाग में राखी की दोसर आतैक जैसन जल्दबाजी  में  अस्पताल में जाएके ना कोसिस करी ..अगर एसिड अटैक हो भी जाता त पहिले ठंडा पानी से आधा घंटा तक सफा पानी से साफ करी आ तब नजदीकी अस्पताल में जाई , बर्न सेंटर वाला अस्पताल जादा बेहतर रही ।

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