का सभी बेमारी के एके गो दवाई सिटामोल ह ? पर्सा के ग्रामीण स्वास्थ्य चौकी के बेहाल स्थिति पर एक रिपोर्ट

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वीरगंज २६ पुस,

सभी बेमारी के एके गो दवाई सिटामोल । सुनला पर विश्वास ना होखी माकिरई सत्य ह । नेपाल के संविधान, २०७२ से हरेक नेपाली नागरिक के आधारभूत स्वास्थ्य सेवा निःशुल्क मिलेके हक सुनिश्चित कइला पर भी पर्सा जिल्ला के दुर्गम गाँव के स्वास्थ्य चौकी मे सिटामोल के अलावा दोसर जरुरी दवाई ना मिलेला ।

सङ्घीय सरकार स्वास्थ्य चौकी के ३९ किसिम के देत अइला पर भी अधिकांश स्वास्थ्य चौकी मे सिटामोल के अलावा आउर दवाई से स्थानीय जनता वञ्चित होत आइल बाडन । सरकार स्वास्थ्य चौकी मे सभी किसिम के दवाई पठइला पर भी सेवाग्रही के सिटामोल बाहेक आउर दवाई नइखे मिले सकत । सरकार से देवेवाला आउर दवाई आखिर कहाँ जाला ?

जिराभवानी गाँवपालिका–३, नेकपा के नेता भोला महतो थारु कहनी कि, “बढिया तथा महँगा दवाई कर्मचारी हि बाहर के दवाई दोकान मे बेंच देवेलन ।” स्वास्थ्य चौकी मे सञ्चालक समिति ना भइला से कर्मचारीलोग मनमौजी आउर दवाई लगे के दवाई दोकान मे बेंच रहल बतावल जाला । निर्मलबस्ती के पूर्वअध्यक्ष लालबहादुर श्रेष्ठ कर्मचारीतन्त्र के चलते स्थानीयवासी आधारभूत स्वास्थ्य सेवा से वञ्चित होत आइल बाडन ।

पर्सा जिल्ला मे ८२ गो स्वास्थ्य चौकी बा । सामान्य इलाज मात्र होखेवाला स्वास्थ्य चौकी मे गम्भीर प्रकृति के बेमार लोग अइला पर इलाज के खातिर सहर पठावेके बाध्यता बा । पकहामैनपुर मे रहल सभी स्वास्थ्य चौकी के अहेब अनिलकुमार यादव कहनी कि, “गाँवपालिका आउर दवाई से सिटामोल बेसी देहला से अइसन स्थिति आइल बा ।” उनका मुताविक वितल समय मे जिल्ला जनस्वास्थ्य कार्यालय मातहत मे भइला पर भी दवाई उपलब्ध होत रहे माकिर स्थानीय निकाय मे गइला के बाद सिटामोल, ब्रुफेन जइसन दवाई बेसी आवेला ।

सरकार क्षयरोग के मरेजी के मँगनी मे दवाई उपलब्ध करइला पर भी पर्सागढी नगरपालिका–६ चैनपुर मे रहल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उ बेमारी के दवाई ना भइल कहके फिर्ता पठा रहल स्थानीयवासी के किसाइत बा माकिर वार्ड अध्यक्ष किशोरी राउत अहिर सिकाइत के गलत कहत क्षयरोग लगायत के सभी दवाई प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मे मँगनी मे मिल रहल दाबी कइनी । अभी ग्रामीण क्षेत्र मे रहल स्वास्थ्य चौकीसब मे बहुते जरुरी पडेवाला केडिनालिन, चारकोल जइसन दवाई डेढ बरीस से नइखे माकिर सिटामोल, ब्रुफेन जइसन दवाईसब बहुते मात्रा मे रहल स्वास्थ्य चौकी पकहामैनपुर के हेल्थ असिष्टेण्ट विष्णु महरा के कहनाम बा । ल्याब, एकसरे मेशिन ना भइला से समान्य जाँच के खातिर मरेजीलोग के समस्या हो रहल स्वास्थ्य चौकी के कर्मचारीलोग बतावेलन ।

सङ्घीयता लागू होखे से पहिले जनस्वास्थ्य कार्यालय सरकार के मापदण्ड मुताविक सभी दवाईसब स्वास्थ्य केन्द्र मे पठावत रहे माकिर स्थानीय सरकार के मातहत मे स्वास्थ्य चौकी गइला के बाद सिटामोल, ब्रुफेन, अलबेण्डाजोल जइसन दवाईसब मात्र मिल रहला से सेवाग्रहीलोग आधारभूत स्वास्थ्य सेवा से बञ्चित होत आइल बाडन । पर्सा जिल्ला मे एक महानगरपालिका, तीन नगरपालिका आ १० गाँवपालिका करके १४ स्थानीय तह मे ८३ स्वास्थ्य चौकीसब बा ।

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