केकरा के भोट दिही, केकरा के जिताई।।

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 केकरा के भोट दिही, केकरा के जिताई।।

दिपेन्द्र सहनि

ब​ केकरा खातिर​ आन्दोल​न​ मे जाई।
अब केकरा के हम लडे खातिर पेठाई।।
बुढापा के साहारा शहिद भईल जंग मे।
केकरा के भोट दिही केकरा के जिताई।।

एमाले भी अईले माओबादी भी अईले।
बडका-बडका राष्ट्रबादी भी अईले।।
केहु पइसा देखईले केहु ध​म्की दे गईले।
केकरा पर विश्वास करी केकर बात पतियाई।।

देश​ के बारे मे के कथी सोंच​ता ।
जे पाव​ता जेन​ही से म​न​ भ​र​ नोच​ता।।
आज​ खा तारे झुठ​हुँ के किरिया कस​म​।
काल​ जित​ते चुनाव​ बिचार​ ब​द​ल​ जाई।।

आज​ एक बार​ जोड​तारे हाथ
काल​ द​श​ बार​ हाथ​ जोड्व​ईहे।।
जीत​ ज​ईहे ज​हिया भोट से हम​रा।
ह​म​रे उ त​ अव​कात​ देख​ईहे।।

“स​ह​नी दिपेन्द्र​” कहे बात​ सँच्चाई।
फोन​ कईला प​र​ फोन स्वीच अफ​ ब​ताई।
केकरा के भोट दिही ह​म​ केकरा के जिताई।।

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