गण्डक नहर के संरचना जीर्ण : कउनो भी समय दुर्घटना हो सकता

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वीरगंज ०३ फागुन,

गण्डक नहर के संरचना पुराना आ जीर्ण भइला से कउनो भी समय भसक सके के सम्भावना रहल बा । करीब ४५ बरीस पहिले बनल गण्डक नहर में रहल पुल, कलभर्ड तथा संरचना के जरुरी मर्मत सम्भार होखे ना सकला से उ संरचना जीर्ण बनत गइल बा ।

प्रदेश नं २ के पर्सा, बारा एवं रौतहट जिल्ला के दक्षिणी भेग के ३७ हजार ४०० हेक्टर क्षेत्रफल में सिँचाइ सुविधा उपलब्ध करा के कृषि उत्पादकत्व में अभिवृद्धि करेके आ ओकरा से कृषक के जीवनस्तर में परिवर्तन लिआवे के उद्देश्य से वि. सं २०३० जेठ २१ गते तत्कालीन प्रधानमन्त्री कीर्तिनिधि विष्ट उद्घाटन कइल ई गण्डक नहर में छोटका-बडका करके तीन हजार ५७४ गो पुल, कल्भर्ड रहल बा ।

भारत विहार राज्य के वाल्मिकीनगर में बन के पूर्वी मूलनहर (तिरहुत मूलनहर) के दोनशाखा नहर से पश्चिमी चम्पारण के इनर्वा गाँव तथा पश्चिमी पर्सा के जानकी टोल में घुसल ई नहर अभी बारा जिल्ला के ११ नं ब्लक तक ६० किलोमिटर में पानी आवेला । ८१ किलोमिटर लम्बाइ के ई मूलनहर रौतहट जिल्ला होत वाग्मती नदी में मिलला माकिर अभी जानकीटोला से बारा के ११ नम्बर ब्लक तक मात्र पानी पुग रहल नारायणी सिँचाइ व्यवस्थापन कार्यालय बहुअरी वीरगंज जनवले बा ।

विश्व बैंक के कर्जा सहजोग में बनल ई नहर सन् १९७५ आ १९७६ करके दु चरण में नेपाल सरकार के हस्तानान्तरण कइल गइल रहे । नहर में रहल पुल, कल्भर्ड तथा संरचना बहुते पुराना आ जीर्ण भइला से कउनो भी समय भसक सके के अनुमान प्राविधिक लोगन के बा ।

८१ किलोमिटर लम्बाइ भइल गण्डक नहर में मूलशाखा नहर १७ गो, शाखा नहर ५० गो, उपशाखा नहर ४०८ दशमलव पाँच किलोमिटर, प्रशाखा नहर (टर्सरी) एक हजार ४६८ किलोमिटर, निकास नहर ३०८ किलोमिटर तथा नहर में तीन हजार ५७४ गो पुल, आ कल्भर्ड रहल बा ।

नेपाल–भारत बीच भइल गण्डक समझौता मुताविक भारत सरकार ई नहर में ८५० क्युसेक पानी उपलब्ध करावे के जगहा में बितल बरीस में ५०० से ६०० क्युसेक पानी मात्र उपलब्ध करावत आइल बा । आर्थिक बरीस २०७४/०७५ में धानबाली के खातिर ८२९ क्युसेक पानी मिलत आइल उक्त कार्यालय जनवले बा ।

हरेक बरीस नदी नहरक्षेत्र, संरचना, डाइकसब कटान कर रहला से बजेट के कमी में ओकर मर्मतसम्भार करे ना सकला से पुल, पुलेसा तथा कल्भर्ड जीर्ण होत गइल बा । डिभिजन प्रमुख राजेन्द्रप्रसाद साह कहनी कि, “जीर्ण होत गइल संरचना के मर्मतसम्भार के खातिर सङ्घीय सरकार द्वारा बजेट के व्यवस्थापन करेके पड़ी ।” उक्त कार्यालय बृहत् योजना अन्तर्गत रहल रु चार करोड बजेट मेंसे नहर के मर्मतसम्भार कइला पर भी जीर्ण रहल पुल, पुलेसा तथा कल्भर्ड के मर्मतसम्भार करेके काम बजेट कमी के चलते अगाडि बढे ना सकल प्रमुख साह के कहनाम बा ।

कैयन जगहा में किसान पोइन के काट के खेत बनावल, नहर के आँट रहल हरिहर गाछि के कटान करके आँट अतिक्रमण करके घरटहरा बनावल, फुहरमैला नहर में बिगला से साइफन जाम होत अइला के चलते नहर जीर्ण होत गइल बा । नहर के संरचना हलुका सवारी के खातिर बनइला पर भी बड़का सवारी साधन के आवतजावत हो रहला से हरेक दिन उ संरचना जीर्ण बनत गइल समस्या यथावत् रहल देखल जाला ।

एहितरे वीरगंज ठोरी गण्डक नहर के सिक्टा नदी के पुल भी जीर्ण बनत गइल बा । जगरनाथपुर गाँवपालिका के मसिहानी क्षेत्र में पडेवाला उ पुल में सवारी साधन आवतजावत करेवाला भइला से पुल के दुनु ओरी के आरसिसी देवाल जीर्ण बनल, पुल के सतह जगह=जगहा में फाँटल, देवाल के स्तम्भ टुटल, पुल के देवाल हल्का दबाब में भी हिलेला । उक्त जीर्ण रहल पुल, पुलेसा कल्भर्ड लगायत के पुराना संरचना समय में मर्मतसम्भार ना कइला पर कवनो भी समय दुर्घटना होखेके सम्भावना रहल पश्चिमी पर्सावासी के कहनाम बा ।

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