डोम के बेटा के डाक्टरी पढे खातिर मिलल छात्रबृती, पुछले “डाक्टरी के बाद त जात ना नु पुछल जाई”

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    राजविराज, १६ कातिक ।

    बद्रीनाथ झा ।

    गिरीबी, अशिक्षा आ जातीय बिभेद के मार सहत आइल डोम समुदाय से देश मे ही पहिलका बार सप्तरी के छिन्नमस्ता गांवपालिका वाड नम्बर ९ के एगो युवा डाक्टरी पढे के मौका पईले बाड़े । रमपुरा के डोम बस्ती के १९ बरिस के युवा दिनेश कुमार मरिक सरकारी छात्रबृती मे एम.बी.बी.एस. पढे के मौका मिलल बा ।

    डोम जात मे से पहिला बेर डाक्टरी पढे जाए के मौका मिलला पर पूरे के पूरे डोम समुदाय खुशी से झूम उठल बा । दलित अभियन्ता युक्ति मरिक आ फुरकी देवी मरिक के चाउथका बेटा दिनेश गाँव के नियरे रहल माध्यमिक बिधालय खुदीबखारी से १० कक्षा पास कर के राजबिराज मे रहल हयापिल्याण्ड माध्यमिक बिधालय से कक्षा १२ पास कईले रहले ।

    समाज मे डोम जात भईला के कारण जातीय छुवाछूत के चरम बिभेद भोगते आईला से दिनेश बच्चे से पढ़ लिख के बाडका आदमी बन के देखावे के सोच रखले रहले । कक्षा १० पास कईला के बाद सदरमुकाम राजबिराज मे भाड़ा मे रहेवाला घरमालिक कवन जात हउवा ? पुछला पर मरिक कहला पर कोठरी खाली नईखे कह के फिरा देहले लोग क़हत आपन दु:ख सुनावत दिनेश कहले तीन चार जने घरमालिक से अइसन ब्यावहार  देख के मजबूरी बस आपन जात लुका के कुछ महिना रहला के बाद जात मालूम भईला पर कोठरी खाली कर द हमनी के कोठरी के काम ब क़हत घर से निकाल देहल गईल । कुछ दिन से राजबिराज के ही एगो ब्राहमण के घर मे डेरा ले के रहत रहनी ह अब त छात्रबृती मे नाम आईला के बाद ओइसे भी घर छोड़े के पड़ी ।

    छात्रबृती पढे के अवसर दे के सरकार हमरा खातिर बहुते योगदान देहले बा एकरा साथ साथ सफलता के श्रेय माई बाबू जी के आशीर्वाद आ आपन कईल मेहनत ह मरिक कहले । बच्चा रहनी त हम बाबू जी के क़हत रहनी “ की त रिन्च की त सीरिन्च पकड़ेम” दिनेश कहले । रीन्च के अर्थ इंजीनियरिंग आ सीरीन्च के अर्थ मेडिकल के इक्षा रहे पर उ सपना जईसे लागत रहे ।

    समाज मे डोम जात के अभी भी बिभेद हो रहल बा आ छुवाछुत भी रहल यी बात हमरा के बहुते दुख देहले बा दिनेश कहले । जईसन भी होखे संघर्ष कर के हम समाज मे डाक्टर बन के देखावे के संकल्प बा क़हत दिनेश कहले “ हम डोम के बेटा डाक्टर बन के आईला के बाद अपना के बड़का जात कहेवाला बेमार भइला पर दिनेश कहले चेकजांच करत समय शरीर छुवाही के परी ओह बेरा त देह पर गंगाजल त न नु छीटेजाई लोग ? डाक्टर कौन जात के ह यी त नानु पुछे आई लोग ?

    डोम समुदाय आपन बाल बच्चन के शिक्षा पर ज़ोर देवे के आ सरकार भी यी लोग प्रति बिशेष संरक्षण देवे के चाही उनकर कहनाम रहल । ओइसे दिनेश के बाबू युक्ति भी कम संघर्ष नईखन कईले, उ अभी एल एल बी मे अध्यान्न कर रहल बाड़े । बेटाके एम. बी.बी.एस. पढे के मौका मिलाल एकरा खातिर बहुते खुशी बानी क़हत उ कहले “ बेटा के छात्रबृती मिलला से पूरे डोम समुदाय बहुते खुशी बा पर अभी चुनौती भी बहुते बा ।

    डोम उत्थान समाज के केंद्रीय अध्यक्ष भी रहल युक्ति के अनुसार सप्तरी सहित देश भर मे जम्मा १३ हजार ८ सय ३२ डोम के जनसंख्या रहल बा जे मे से सप्तरी जिल्ला मे खाली करी तीन हजार डोम जात के बसोबास रहल बा ।

    शैक्षिक आ आर्थिक दृष्टिकोण से बहूते पछाड़ी रहल डोम जात से देश भर मे कक्षा १० पास कईल संख्या १७, प्रवीणता प्रमाणपत्र तह १० जने आ स्नातक तह के शिक्षा पास कईल तीन जने ही बा लोग उ जानकारी करवले ।

    साधारणयता एलानी जग्गा मे रहेवाला डोम समुदाय सुवर पोसे के आ बांस के ढकिया, कुनिया, छिट्टी, चंगेरा, दौरा, डाला, सुपा आ डगरा जयसन समान बना के गाव गाव मे बेच के आपन जीवन चला रहल बा लोग । बालविवाह आ अत्यधिक दारू पियाला के कारण मृत्युदर सहित दोसार जात से बहूती रहल जानकारी देहले ।

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