थारु समुदाय मे माघी के रौनक, पकडीटोला मे खिंचडी विशेष कार्जक्रम

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जिराभवानी, पर्सा । ०१ माघ,

सङ्क्रान्ति के पहिलका दिन जिता मारेके, बढिया स्वादिस्ट खाना खाएके आ माघी नहाए के थारु समुदाय मे परम्परागत चलन बा । थारु समुदाय मे मनावेवाला माघी पर्व मे पुस मसान्त के अन्तिम दिन नदी आ पोखरा मे माछरी पकडेके, मसान्त के दिन जिता मारेके (सुवर बंगुर मारेके) नयाँ धान कुटा के राखल चाउर के पिसान से बनावेवााल पिठी, तिलौरी लगायत के परीकार बना के नाचगान करत मिलजुल के खालन । साथे माघे सङ्क्रान्ति के दिन सबेरे नदी भा पोखरा मे नहाएके आ लगे के मन्दिर मे पूजा करेके परम्परागत चलन भी बा ।

थारु समुदाय के बाहूल्यता रहल मध्य तराई के पर्सा, बारा, रौतहट, चितवन लगायत प्रदेश नम्बर २ के जिल्ला मे रहेवाला थारु समुदाय माघे संक्रान्ति के दिन के बडका परब के रुपमे मनावेलन आ थारु समुदाय माघ के नयाँ बरीस के रुपमे भी मनावेलन । एहितरे माघी परव के अवसर मे जिराभवानी गाँवपालिका के पकडीटोल मे बृहत कार्जक्रम करके खिंचडी परब मनवावल गइल बा ।

जिराभवानी गाँवपालिका के अध्यक्ष रामपिरीत महतो के सभापतित्व मे भइल कार्जक्रम मे प्रमुख अतिथि नेकपा के पूर्व सांसद् जय प्रकाश थारु, बिशिष्ट अथिती जिराभवानी गाँवपालिका के उपप्रमुख उषा देबी थरूनी, वार्ड नम्बर १ के अध्यक्ष शेखनुमान आजम, वार्ड नम्बर २ के वार्ड अध्यक्ष महादेव महतो, समाज सेबी रामतऔतार पटवारी, थारू कल्याण कारिणी के कार्यबाहक सभापती ठाकुर प्रसाद महतो, समाजसेवी भोला महतो, स्थानीय पत्रकार, बुद्धिजीवी लगायत के सहभागीता रहल रहे । समाजसेवी रामशरण खवास से स्वागत कइल कार्जक्रम के सञ्चालन बिजय थारु कइले रहनी ।

थारू समुदाय मे धिरे धिरे लोप होत गइल झमटा नाच भी प्रस्तुत कइला के साथे कार्जक्रम मे स्थानीय गायक जितेन्द्र राय, भोजपुरी स्टार सुनिल पडित आ स्थानीय लइकालइकीलोग भी आपन आपन जातिय भेषभुषा मे नाच प्रस्तुत कइले रहलन ।

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