पण्डित दीपनारायण मिश्र के श्रद्धाञ्जली सभा समापन

वीरगंज, २८ बैशाख ।

नेपाल के भोजपुरी भाषा के भीष्मपितामह के रूप मे परिचित वरिष्ठ भोजपुरिया साहित्यकार पण्डित दीप नारायण मिश्र के याद मे काल्ह शनिचर के दिने वीरगंज नगरी मे अनेकन संघ संस्था के सहयोग मे श्रद्धांजलि सभा के आयोजना कईल गईल ।

पण्डित दीप नारायण मिश्र के बितल बैसाख १९ गते रात के १० बज के ३८ मिनट पर ८३ साल के उमर में उनकर निज निवास वीरगंज के राम टोल मे देहान्त भईल रहे, उहे के याद करत काल्ह शनिचर के दिने वीरगंज के मारवाड़ी सेवा समिति के गृह सभा मे श्रद्धांजलि सभा के आयोजन कईल गईल ।

नेपाल भोजपुरी समाज, आपन वीरगंज मेडिया ग्रुप प्रा. लि., सहयोगी नेपाल, सांस्कृति, सजक, भोजपुरी टाइम्स दैनिक पत्रिका, पब्लिक एम. एम. आ यात्रा डेली डट कम सहित के संयुक्त आयोजना मे भईल पण्डित मिश्र के श्रद्धांजलि कार्यक्रम मे प्रदेश २ के मुख्यमन्त्री लालबाबू राउत गद्दी, प्रदेश २ के भौतिक पूर्वाधार बिकास मन्त्री जितेन्द्र सोनल, भारतीय साहित्यकार डा. हरेन्द्र हिमकर, स्तंभकार चंद्रकिशोर, विश्लेषक तुल नारायण साह, सह-प्राध्यापक डा. विश्वम्भर शर्मा, समाजसेवी ओम प्रकाश शर्मा, भोजपुरिया साहित्यकार राम प्रसाद साह आ युवा नेता ओम प्रकाश सर्राफ सहित भाषा साहित्य से जुडल बहुते लेखक, कवि, गजलकार सा संगीतकार लोग के उपस्थिती रहल । नेपाल भोजपुरिया समाज के सचिव ऋतुराज के अध्यक्षता आ पत्रकार रितेश त्रिपाठी के सहजीकरण में कार्यक्रम सम्पन्न भइल रहे ।

श्रदांजलि सभा मे मुख्यमन्त्री लालबाबू राउत गद्दी कहनी ‘ नेपाल के भोजपुरिया साहित्य आपन अभिभावक गुमा देहलख, पण्डित दीप नारायण मिश्र के साहित्य सम्बन्धी योगदान के कदर करत यदि हमनी सारा भोजपुरिया एक जुट हो के भोजपुरी भाषा आ साहित्य के मिश्र के सोचाई के हिसाब से अगर उच्च स्थान पर पहुचा देहल जाव तब जा के उनकर योगदान के सच्चा सम्मान आ कदर होई । प्रदेश मे बोलला जाए वाला भोजपुरी, मैथिली, बज़्जिका, नेपाली, उर्दू, मारवाड़ी आ चाहे सम्पर्क भाषा के रूप मे रहल हिन्दी काहे ना होखे सारा भाषा के सम्मान के साथ कानूनी रूप से संरक्षण आ परवर्द्धन सरकार करे के सोच बनवले बा, मुख्यमन्त्री गद्दी बतवले ।

श्रद्धाञ्जलीसभा के प्रमुख अतिथी के रुप में प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत एगो भोजपुरिया के नाते भोजपुरी भाषा माई के दुध नियन आ बाकी भाषा डेरी के दुध नियन रहल बतवनी । भोजपुरी भाषा के आपन अगले महत्व आ इतिहास रहला के बावजूद भी राज्य द्वारा एकर संरक्षण आ सम्मान ना हो सकल के दुख व्यक्त कईनी । भोजपुरी साहित्य के मुर्धन्य व्यक्तित्व पण्डित दीपनारायण मिश्र के प्रदेश सरकार के अगुवाई में वीरगंज में शालिक जल्दीए बनावे के भी घोषणा कइनि ।

पण्डित दीप नारायण मिश्र के आपन अभिभावक आ गुरु बतावत भौतिक पूर्वाधार बिकास मन्त्री जितेन्द्र सोनल कहले, पण्डित दीप नारायण मिश्र द्वारा बनावल पगदण्डी पर आज के युवा पूस्ता के लागल बहुते जरूरी बा । भोजपुरी भाषा आ साहित्य के पण्डित दीप नारायण मिश्र द्वारा बनावल गईल खुटपेडिया रास्ता के चौड़ीकरण आ मजबूत बनावे के जिम्मेवारी साहित्य मे लागल नव युवा पूस्ता के बा ।

मन्त्री सोनल द्वारा प्रदेश सरकार के ओर से इहे माघ १ गते बहुभाषिक कवि सम्मेलन के आयोजना करेके जिम्मेवारी उठावे के उद्घोष कइनी ।

एक मिनट के मौन धारण से श्रदांजलि देहल गईल पण्डित दीप नारायण मिश्र के श्रदांजलि सभा मे भोजपुरी लोकगायक सोधा यादव, बृजमोहन आ शर्वजित निर्गुन गा के मिश्र के याद कईले लोग ।  

भोजपुरी भाषा आ साहित्य के आगा बाढ़ावे खातिर स्व. मिश्र २०२९ साल मे नेपाल भोजपुरी समाज आ ओकरा बाद बङ्ग्मय प्रतिष्ठान आ नेपाल हिन्दी साहित्य परिषद जईसन संस्था के गठन कईले रहेले। स्व. मिश्र नेपाल के पहिलका भोजपुरी पत्रिका ‘सामाद’ सहित दर्जन से बहुति कृति प्रकाशन कईले रहले । भोजपुरी भाषा आ साहित्य खातिर देहल स्व. मिश्र के योगदान ही आज उनका के नेपालीय भोजपुरी के ‘भीष्मपितामह’ के उपाधि से भोजपुरिया समाज नवजले बा ।

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