प्रहरी के मिलीभगत मे पर्सा जिल्ला के सारा सिवान तस्करी खातिर खुल्ला

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दीपक चौरसिया

बिरगंज, ५ चईत

पर्सा जिल्ला के लगभग सभी सीवान तस्करी खातिर प्रहरी के मिलीभगत मे ही खोल देहल गईल बा । आर्थिक राजधानी के रूप मे मानल गईल बिरगंज भन्सार के साथ साथे लगभग सारा सिवान प्रहरी के मिलीभगत मे ही खुल गईल बा ।  नेपाल आ भारत के मुख्य सिवान के रूप मे मानल बीरगंज, भिस्वा, जानकीटोला, अमरपटी लगायत के सिवान तस्करी खातिर खोल देहल गईल ब । तस्करी करवाला के समूह नेपाल प्रहरी आ सस्त्र प्रहरी के प्रमुख लोग के मोट आर्थिक नजराना देहला के बाद सिवान खोलल गईल बा । छोट बढ़ तस्करी करेवाला अबैध तरीका से कपड़ा , मारीच, सुपारी, सुख्खा, दाल, बालू, गिट्टी लगायत के समान तस्करी कर के सीवान टपावे खातिर प्रहरी प्रमुख लोग के नजराना देहल गईल कह के एगो तस्कर श्रोत जानकारी करवलख ।

उ आपन नाम ना छापे के शर्त पर जिल्ला प्रहरी कार्यालय पर्सा के प्रहरी उपरीक्षक डा गणेश रेग्मी के नाम मे रकम असूली भईला के बाद तस्करी के लाईन खोलल गईल बतवले । एक जने प्रहरी के माने त दरबंदी ना भईल प्रहरी ना भईला से “एनी हाउ पैसा कमाऊ” कहल कहावत पर पर्सा प्रहरी खारा उतार रहल  बा । हमनी छोट पद पर  भईला से कुछों ना कर सकेनी कहले । हाकिम के आदेशानुसार प्रहरी के करे के पडेला ना कईला पर उपर से करवाही होई एही से मजबूर हो के तस्करी होत सिवान पर हमनी कुछ ना कर सकीले बतवले ।

नेपाली जनता के सुरक्षा खातिर खटावल प्रहरी आपन वर्दी के फायदा उठावत सिवान के आपन कमाए खाए वाला बर्तन बना दहले बा लोग एगो स्थानीय श्रोत जनवलख । नेपाल के ही आर्थिक राजधानी के रूप मे मानल गईल बीरगंज भन्सार लगायत  अनेकन सीवान से तस्करी बढ़ गईला के करते राजस्व मे कमी आईल बा माकिर उपर निकाय तक के मौनता स्पष्ट करता की ऊपर तक आर्थिक नजराना पहुच रहल बा । वर्दी के आड़ मे कामाए खाएवाला बर्तन बनावेवला हर कोई के कानूनी दायरा मे लियावे सकेवाला मंत्रालय, अईसन तरीका से हो रहल तस्करी पर आखिर चुप काहे बा ?? एह बिषय पर उपर के निकाय के ध्यानाकर्षण जरूरी बा ।

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