फिल्म समीक्षा: ‘निरहुआ चलल लंडन’- अश्लीलतामुक्त मनोरञ्जक फिल्म ; परिवार के साथ देख सकेनी

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फ़िलिम: निरहुआ चलल लंदन
स्टारकास्ट: दिनेश लाल निरहुआ, आम्रपाली दूबे, मनोज टाइगर
निर्देशक: चंद्र प्रकाश पंत
समीक्षा: आपनवीरगंज.कॉम

निरहुआ चलल लंदन”, भोजपुरी सिनेमा के बहुप्रतीक्षित बहुचर्चित फ़िलिम में से एगो बा। लोग के एह फ़िलिम के बड़ा बेसब्री से इन्तज़ार रहे। बहुत लमहर इन्तज़ार के बाद आख़िर १५ फ़रवरी शुक्रवार के दिन सिनेमाघर में ई फ़िलिम प्रदर्शित भईल।

कुल मिलाके भोजपुरी के सबसे भारी बजट के फ़िल्मन में से एक “निरहुआ चलल लंदन”, भोजपुरी फ़िलिम के दुनिया में पारिवारिक फ़िलिम के रूप में दर्शनीय बा। एह से साफ़-सुघड़ फ़िलिम बनावे के एगो शुरुआत हो सकत बा

दुनिया के कवनो कोना में जब भी कवनो के मुँह से लंदन शब्द निकलेला त एगो ख़ास तरह के आकर्षण बन जाला। लंदन शब्द अपने आप में एगो glamour पैदा क देवेला। Glamour आ आकर्षण के साथे-साथे जागेला उम्मीद, गुणवत्ता के माँग। भोजपुरी सिनेमा एह घड़ी बड़का बजट, ताम-झाम से भरल रहऽता। जेकरे एगो उदाहरण बा फ़िलिम “निरहुआ चलल लंदन”। मुंबई आ पटना के गलियन में घूमत-घूमत एह बेर निरहुआ आम्रपाली के साथ चहूँपल बा लंदन। त का लंदन शब्द से जवन आकर्षण आ उम्मीद बनेला ओकर भरपाई भईल बा एह फ़िलिम में? आईं जानल जाव।

“निरहुआ चलल लंदन”, भोजपुरी फ़िलिम के दुनिया में एह घड़ी के फूहड़ता से तनका हटके एगो साफ़-सुथरा फ़िलिम बा।

फिल्म के कहानी

फ़िलिम के कहानी बा निरहुआ (दिनेश लाल यादव) आ जुली (जूली) के। निरहुआ गाँव-शहर के एगो स्थापित गायक बा। जेकर गाना आ स्टेज शो के लोग दीवाना बा। ईहे निरहुआ के बिआह ओकर बाप (गोपाल राय) करावे के चाहत बा। बाकिर कईयन लड़की से बात चलवला का बाद भी निरहुआ मानत नईखे। बिहार के एगो गाँव में रहत निरहुआ के भी आपन सपना बा। जेकरा खातिर ऊ अभिन बिआह करेके नईखे चाहत।

ओने लंदन में रह रहल बाड़ीं फ़िलिम के नायिका जूली(आम्रपाली दूबे)। शोख़ चंचल सुन्दर जूली, माई बाप के दुलारी जूली। जूली के पापा लंदन के एगो बड़का स्थापित व्यवसायी बाड़ें। उनकर सपना बा आपन करेज के टुकड़ा जूली के एगो बन्हिया लड़का आ घर में शादी कर करे के। जूली भी निरहुए के जईसन बिआह नईखीं करे के चाहत। लेकिन आपन पापा के समुझवला से बिआह खातिर तईयार हो जालीं।

लंदन के ही प्रतिष्ठित व्यवसायी विश्वम्भर के लईका से जूली के शादी करे खातिर जूली के पापा विश्वम्भर के लगे चहूँपलन। बाकिर उहाँ दादी बिआह होखे से पहिले एगो शर्त राखेली।  शर्त के पूरा करे खातिर जूली भारत आवेली जहवाँ निरहुआ से भेंट होखेला। एकरा बाद ही शुरू होखेला फ़िल्म के रोमांच आ रोमांस के उलझन।

तकनीकी पक्ष

अब बात फ़िलिम के तकनीकी पक्ष के। सबसे पहिले बात पटकथा लेखन के। फ़िलिम के पटकथा लेखक बाड़न संतोष मिश्रा। फ़िलिम के शुरुआत के कुछेक हिस्सा के पटकथा में कसाव बा बाकिर फ़िलिम जईसे-जईसे आगा बढ़त जाला वईसे-वईसे पटकथा ढीला पड़त जाला। सबसे पहिले त फ़िलिम के प्लॉट के स्थापित कईले बिना कहानी आगा बढ़त जाला। निरहुआ एगो गायक बा एकरा दृश्य माध्यम से स्थापित करे के जगह संवाद से काम चलावल गईल बा। सीधे जब आवश्यकता पड़ल तबे पता चलल कि निरहुआ गायक बा। पटकथा छोट-बड़ कईयन चूक से भरल बा। जूली जब भारत से लंदन वापस जाली तब उनकर माई के कहीं अते-पता नईखे। हेलिकॉप्टर लगे चाची नईखी बाकिर लंदन में चहूँप गईल बाड़ीं। कईसे? पता ना। पूरा फ़िलिम में जूली के एगो खलनायक बिआह करे खातिर तंग कईले बा। जूली से ओकर भेंट कईसे बा ईहो नईखे देखावल गईल। फ़िलिम में जेतना भी पात्र बा सबके चरित्र विशेषता के संवाद के माध्यम मात्र से स्थापित करे के प्रयास भईल बा ख़ाली एगो निरहुआ के संघतिया बनल अभिनेता मनोज टाइगर के छोड़ के।

फिल्म के निर्देशन पक्ष

अब बात निर्देशन के। “निरहुआ चलल लंदन” फ़िलिम के निर्देशक बाड़न चंद्र प्रकाश पंत। चंद्र प्रकाश पंत फ़िल्मन में पहिले stunt निर्देशन में काम कईले बाड़न। “निरहुआ चलल लंदन” उनकर पहिला बड़का बजट के फ़िलिम बा। जवना में stunt निर्देशन भी ऊहे कईले बाड़न। फ़िलिम में निर्देशकिय प्रभाव भी ठीके-ठीके बा। कम पात्र से काम चलावे के कोशिश में निर्देशक कही-कहीं कहानी से समझौता भी कईले बाड़न। कबो-कबो लागेला कि कहीं जान पहिचान के आधार प अभिनेता लोग के चुनाव कईल गईल बा। लेकिन जब-जब भावनात्मक दृश्य आईल बा निर्देशक आपन छाप छोड़ें में सफल भईल बाड़न। ४ करोड़ के बजट के भोजपुरी फ़िलिम में अभिनेता लोग के गलत चुनाव के रिस्क लेवल कवनो भी लिहाज़ से ठीक ना कहल जाई। बाकिर जवना फूहड़ता खातिर भोजपुरी फ़िलिम एह घड़ी बदनाम बा ऊहवाँ निर्देशक एगो साफ़-सुथरा पारिवारिक फ़िलिम बनावे में सफल भईल बाड़न। बधाई के पात्र बाड़न।

फ़िलिम के लोकेशन आ संगीत फ़िलिम के मज़बूत पक्ष बा। लंदन आ नेपाल में फ़िल्मावल दृश्यन में लोकेशन के ख़ूबसूरती दर्शक के ख़ूब लुभावेला। गीतन में लंदन स्ट्रीट के दृश्य आ नेपाल में पहाड़न आ झील के सुन्दरता भी नीमन बा। बाकिर लंदन के स्थापित करे खातिर ड्रोन कैमरा से लीहल गईल मास्टर शॉट के अधिकता ख़लल बा।

मधुकर आनंद के संगीत से सजल गीतन आपन प्रभाव छोड़ें में सफल भरके बा। हालाँकि कि पहिलका गीत जवना में निरहुआ के साथे सम्भावना सेठ के आइटम डान्स बा, ओकरा हिंदी में ना रखके भोजपुरी में राखल जाईत त ठीक रहित। काहे से कि निरहुआ ईहे गीत के माध्यम से फ़िलिम में गायक के भूमिका में स्थापित हो रहल बा। बाकिर फ़िल्मी निर्माण बहुत रिस्की आ महँगा व्यवसाय भईला से शायद व्यवसायिक मजबूरी के कारण ई करे के परल होई।

फ़िलिम में कैमरावर्क ठीक बा। लोकेशन के सुन्दरता कैमरामैन के आधा काम क दिहले बा। कुछेक दृश में ज़रूरत ना भईला के बाद भी ट्रॉली शॉट के बेवजह इस्तेमाल भईल बा। जब जूली के पापा निरहुआ के घरे जालन तब कार रुके के समय डॉली-इन शॉट के ज़रूरत ना रहे। तेपरो लेटेस्ट इक्विप्मेंट के इस्तेमाल फ़िलिम के लूक के ग्लैमरस बनावे में योगदान चहूँपवले बा।

फ़िलिम के बैक्ग्राउंड संगीत बहुतेरे दृश्य में मैच नईखे करत। जेकरा वजह से सही प्रभाव नईखे बनत। कहीं-कहीं त रुकावट ही बनल बा। कही दृश्य संवाद बदल जाता बाकिर बैक्ग्राउंड संगीत देर से बदलऽता। अभिनय के लिहाज़ से दिनेश लाल यादव के काम नीमन बा। जवन भी दृश्य में कुछ करे के मौक़ा मिलल बा ऊहवाँ अभिनेता के रूप में दिनेश लाल आपन काम नीमन से कईले बाड़न।

भोजपुरी फ़िल्मी दुनिया के सबसे महँग अभिनेत्री के रूप में स्थापित आम्रपाली दूबे के अभिनय बहुत शानदार बा। लंदन के लड़की आ बिहार के लड़की दूनु में ऊ शानदार काम कईले बाड़ीं। पूरा फ़िलिम में उनकर सुन्दरता लउकल बा। पूरा फ़िलिम में उनकर परिधान भी विशेष रूप से आकर्षण के केंद्र बनल बा। अभिनय के दृष्टिकोण से निरहुआ आ आम्रपाली दूबे के काम सराहनीय बा। मनोज टाइगर भी नीमन अभिनय कईले बाड़न। निरहुआ के माई-बाप के भूमिका में रहल कैरेक्टर आर्टिस्ट के छोड़ दिहल जाए त बाक़ी सब कलाकारन के काम औसत ही कहल जाई। दादी के भूमिका निभा रहल महिला कलाकार के काम भी स्वागत योग्य बा।

सारांश

कुल मिलाके भोजपुरी के सबसे भारी बजट के फ़िल्मन में से एक “निरहुआ चलल लंदन”, भोजपुरी फ़िलिम के दुनिया में पारिवारिक फ़िलिम के रूप में दर्शनीय बा। एह से साफ़-सुघड़ फ़िलिम बनावे के एगो शुरुआत हो सकत बा। ४ करोड़ के बजट में दर्शक के एगो साफ़-सुथरा, भावनात्मक फ़िलिम बनावे ला सम्पूर्ण टीम बधाई के अधिकारी बा लोग।

फिल्म रेटिंग – ७ (१० मेसे )

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