“बखरा” – लघु कथा

191

“बखरा”

– लघुकथा ।

राजू भोजपुरिया

ब पंच लोग दुनु आदमी के बात सुन लेले बा। बाट बखरा कवनिगा लागी, ई फतींगन बाबा बताएब, चुकी उहाँ के पुरनिया बानी । ” सरपंच बैजू कहले।

पूरा गाँव के लोग जुटल रहे बखरा लगावे खातिर। बड़ा ही अचरज वाला मामिला रहे ई। भैरो के एकलौता लईका अब उनके साथे ना रहे चाहत रहे अउरी अपन बखरा खातिर ई पंचाइत बिटोरले रहे। सब केहू बड़ा समझवाल की भला एकलौता लईका के बखरा लेहला के का जरुरत बा। सब त ओही के बा बाक़िर ओकरा आपन माई बाबूजी के साथे एक पल भी रहल ना गवारा रहे।

“ठीक बा। जब तू लोग ई जिम्मेदारी देले बाड़ लोग त हम एके पूरा ईमानदारी से निभावे के कोशिश करेब।” फतींगन बाबा कहनी “बाक़िर ओकरा पहिले हम भैरो के कुछ इयाद दियावल चाहेब। भैरो तहके याद बा। आज से करीब बीस साल पहिले एहिंगा तुहू बखरा खातिर पंचाईत बिटोरले रहल।”

“एकदम निमन से याद बा बाबा” भैरो रोआसा होके कहले। उनका सामने ओतना पुरान बात एकदम ताजा हो गइल। अइसन लागे जइसे काल्हु के ही बात होखे।

बाबा हमरो बखरा के समान सब इनके दिया जाऊ” भैरो रोअत कहले “ऐ बुढ़ापा में हम ई लेके का करेब। हमके त परिवार के जरुरत बा ऐ उमिर में अउरी जब परिवार ही ना रहल त हई जमीन जायदाद लेके का करेब।” कहिके उ अपन मलिकायीन के साथे बहरी निकल गइले। लोग के उम्मीद रहे की अइसे उनका बेटा के दिल पघिली अउरी उ रोकी बाक़िर उ न रोकलस।

उ दू भाई में छोट रहले अउरी घर में सबसे ज्यादा पढ़ल लिखल। उनकर बड़ भाई गाँव में ही रहके खेती बारी करस अउरी अपन परिवार के साथे माई बाबूजी के सेवा पानी करस। भैरो पढाई क के शहर के फैक्ट्री में नीमन नौकरी पा गइल रहले अउरी अपन मेहरारू आ एकलौता बेटा के साथे ओयिजा रहस। हर छठी छमासी ऊ गांवे आवास। दुनु भाई में बड़ा प्रेम रहे। अपन कमाई से ऊ गाँव में सबसे पहिले पक्का घर बनवले रहले।

बाक़िर अचानक उनका मलिकायिन के लागे लागल की भैरो के सारा कमाई उनका भाई अउरी उनका परिवार प खर्चा होता। उनका हिस्सा उ लोग खाता। धीरे धीरे उ भैरो के कान भरे लगली अउरी फेरु उ दिन भी आ गइल जब भैरो के भी ईहे लागे लागल।

उनका भी लागे लागल की उनकर हिस्सा भाई खातारे अउरी उ अगर अलग हो जास त उनका धन में बढ़ोत्तरी होई। आपन बखरा मांग के उ आपन खेत बटाही दे दिहेले । साल के अनज से ही दस बीस हज़ार मिली। रहल बात बूढ माइ बाबूजी के त दुनु भाई लोग बारी बारी से ओ लोग के देख भाल करी।

इहे सब बिचार के साथे उ आपन बखरा खातिर पंचाइत बिटोर देहले। जे सुने उहे उनका ऊपर थूके। भला ओइसन भाई से भी केहू अलग होला, जवन उनके ओतना मर मर के पढ़वलस। भौजाई ओतना मानस, भतीजा कुल जान झिड़क सन, भला ओकनी से भी केहू अलग होला। माइ बाबूजी से लेके गाँव के सब लोग उनके समझवाल बाक़िर उ ना मनले।

माई बाबूजी के मन बड़का बेटा के तरफ रहे बाक़िर ई बेइमानी के वजह से ना बल्कि उनका त्याग अउरी गरीबी के वजह से रहे। गाँव के लोग एकरा से ज्यादा करिये का सकत रहे। कानूनी रूप से उनका हिस्सा प उनकर अधिकार रहे अउरी उ उनके के मिल गइल। उ अपन बनावल घर में से दुगो कोठरी आपन भाई खातिर देबे के कहले बाक़िर भाई मना क देहले ।

बख़रा

माई बाबूजी के भी बखरा ना लागल अउरी उ लोग आपन गरीब बेटा के साथे ही मडई में रहे चल गइल लोग। बखरा लगावे के जिम्मा फतींगन बाबा के ही ओहू बेर मिलल रहे। “भैरो तहार बखरा त तहके मिल गइल बाक़िर ई बात याद रखिह, ऐ पाप के सजा तहके भगवान् घर से जरूर मिली। माई बाप के भी केहू बखरा लगावेला।” भैरो के फतींगन बाब के बात इयाद आ गइल। आज उनका पाप के सजा सामने रहे। बाबा अपन समझ के हिसाब से बखरा लगा देहनी। “दुनु जने के बखरा मंजूर बा नु?” फतींगन बाबा पूछनी। भैरो के लइका सहमति में मूडी हिला देहले। भैरो अपन कोठरी में चल गइले अउरी कुछ देर बाद अपन बैग के साथे बाहर अइले।

“बाबा हमरो बखरा के समान सब इनके दिया जाऊ” भैरो रोअत कहले “ऐ बुढ़ापा में हम ई लेके का करेब। हमके त परिवार के जरुरत बा ऐ उमिर में अउरी जब परिवार ही ना रहल त हई जमीन जायदाद लेके का करेब।” कहिके उ अपन मलिकायीन के साथे बहरी निकल गइले। लोग के उम्मीद रहे की अइसे उनका बेटा के दिल पघिली अउरी उ रोकी बाक़िर उ न रोकलस।

“चाचा रूक, कहा जातार” पीछे से उनका बड़ भाई के लईका संदीप चिल्लयिले “हमनी के तहार परिवार ना हई जा?”
उ दौड़ के जाके उनकर बैग छीन लेहले अउरी कहले ” आज से तूह लोग हमनी के साथे रहीय लोग। हमनियो के त तहार औलाद ही हई जा।”

भैरो उनके ना, ना कह पवले। अपन भाई भौजाई अउरी माई बाबूजी से त उनका आपन गलती के प्रायश्चित करे के मौका ना मिलल रहे बाक़िर आज उनका ई मौका दोबारा मिल गइल रहे।  ओने उनकर बेटा आपन भविष्य से अनजान, मन ही मन खुश रहे की चल नीमन भइल ह की हम बखरा मांग लेनी ह। पूरा घर के साथे साथे दुनु जना के सेवा से भी मुक्ति मिल गइल।

लेखक – भारत, बिहार के सीवान जिल्ला के रहनियार इहाँ के अभिन मुम्बई सेयर मार्केट मे कार्यरत बानी ।

advertisement

राउर टिप्पणी

राउर टिप्पणी लिखी
Please enter your name here