बियाह के चेतावनी !

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बियाह के चेतावनी !

अशोक कुशवाहा

र धरम के हिसाब से मानव जाती के जिनगी में सब से महत्वपूर्ण काम ह बियाह कईल | बियाह कईला के बाद लईका लोग में आचानक निश्चित कालीन बदलाव देखे के मिले ला | यी बदलाव के उमर ज्यादा से ज्यादा १ बरिस होखेला काहे की एक बरिस के भीतरे घर में आईल नया दुलहिन घर के सारा उदिया गुदिया से परिचित हो जाली औरी आपना अवकात पर उतर जाली | कुवांर स्वतन्त्र जिनगी में धुमघाम बर्बादी के से लियावला के हमनी के सामजिक भाषा में बियाह कहेनिसन | यी बियाह करे में घर परिवार पूर्ण सहमती रहेला | बलि देवे से पहिले जईसे बकरी के फुल माला पहिरा के इज्जत के साथ ले जाईल जाला ओइसेही दूल्हा के भी फुल माला से सजा के बियाह में काटाए खतिरा भेजे के रीतिरिवाज चौतरफी बा | बियाह के साल भर के बाद के जिनगी अईसन खरकोचाह हो जाला की का कहल जाव | दाना पानी समय पर मिलो चाहे ना मिलो झागडा हर दम समय पर जरुर मिलेला सायद एही से ह की हमनी के समाज में ९५% मेहरारू से पाहिले मरद लोग बुढा के मर जाले |

बाराती में नाचेवाला बरियतिया दू किसिम के होखेला लोग | एगो उ जेकर बियाह हो गईल रहेला औरी दोसर लईका के छोट भाई लोग | बियाहल लोग यी सोच के नाचेला की हम त कटईबे कईनी केतना एतना साम्झावाला पर ना मनल ह त अब तुहो काटा | लईका के छोट भाई इसे नाचे लोग की भईया के बियाह हो गईल एकरा बाद त हमरे नु नम्बर बा |

आई शुरू से हमनी के बियाह के बिषय में चर्चा कईल जाव | बियाह के शुरुवात डोम से डाला औरी पण्डित जी के पूजा से शुरू होखे औरी उहे डोम से मरे के बेरा आगी कीने के पड़ेला औरी पण्डित जी से पिंडा परवावल जाला | घर परिवार के भी पता रहेला की बियाह कईल केतना खतरनाक ह जानते हुवे भी उ लोग बेटा के मौत के मुह में भेजे लोग | दूल्हा के टोपी में सुई गाथल जाला यी जानते हुवे भी की बबुवा जाहा बियाह करे जातारन उहा डाईन सन इनकार के कारन कर दिहे सन | लाल जूता पहिरावे के रश्म रहेला लाल रंग खतरा के निशानी ह फिर भी दूल्हा राजा आपन दुर्गति खतिरा सज धज के निकलेलन | हम लईकी के हिम्मतवाली शेरनी औरी लाइका के डरपोक शेर कहेनी काहे की एगो शेरनी के लियावे खतिरा सैकड़ो शेर लोग बारात के नाम पर झुण्ड बाना के लियावे खतिरा जाला लोग | एही से पता चलेला की लईका में केतना दम होखे औरी लईकी उनका जिनगी में आई त कईसन तूफान लेके आई |

बारात में एगो नागिन स्वरूपा बाजा बजावल जाला जवना के गाव जवार में अलग अलग नाम से भी जानल जाला | कही एकरा के नरसिंघा, कही सिंघा, कही धुतुन्गा कहे लोग पर हम एकरा नामकरण नागिन बाजा ही कईले बानी औरी एकरा के अईसन तरीका से बजावल जाला की बजावे के समय में सभे कोई एकरा के देखबो करेला औरी सुनबो करेला | यी बाजा बिच बिच में बजावला के अर्थ लईका के सावधान कईल रहेला की आइसनके नागिन तोहरा जिनगी में आवत बाडी अभी भी भागे के समय बा भागजा | एकरा आलावा बारात में नागिन नाच भी चेतावनी खतिरा अनिवार्य नाचल जाला बाकिर आधुनिक बरियात में अब नागिन नाच लोप होखे के कागार पर बा | बबुवा के आँख लईकी के प्रेम के शेहरा नामक झपना से अईसन झापाईल रहेला की उ अन्हरीयायिल रहेलन की उनकर कुछो ना अवगते | दूल्हा के गदहा औरी घोडा पर भी बईठावे के चलन बा यी कईला के उदेश्य ही रहेला की लईका लगे अभिनो समय बा गदहा चाहे घोड़े के सावरी कर के निकल ल |

बाराती में नाचेवाला बरियतिया दू किसिम के होखेला लोग | एगो उ जेकर बियाह हो गईल रहेला औरी दोसर लईका के छोट भाई लोग | बियाहल लोग यी सोच के नाचेला की हम त कटईबे कईनी केतना एतना साम्झावाला पर ना मनल ह त अब तुहो काटा | लईका के छोट भाई इसे नाचे लोग की भईया के बियाह हो गईल एकरा बाद त हमरे नु नम्बर बा | जब बारात दुवारा पर पहुचेला तब पण्डित जी दुवारपूजा के बाहने संस्कृत में बबुवा के सम्झावेलन की अभियो समय बा बबुवा भाग जा पर आज काल के लईका लोग के संस्कृत के कहा ज्ञान रहता की सम्झेलोग | जूता चोराई के रश्म के द्वारा साली लोग भी अपने होखेवाला जीजा के चेतावेला लोग की जीजा जी नंगे पैर भाग जाई अभी भी समय बा काहे की साली के बखूबी मालूम रहेला की उनकर दीदी केतना खतरनाक हाई औरी सीधा साधा होखेवाला जीजा के का हाल करिहन |

गहना गुरेथे के समय में ससुराल के सभे मेहरारू लोग मिल के दूल्हा के भाई के खूब गारी देवे लोग ता की दूल्हा के खीस बरो औरी अभियो बबुवा छोड़ के भाग जास पर उनकर आपन सपना के रानी के आगा काहा कुछो लौउके | लाईकी जब सिन्दूरदान के बेरा आवेले त लाल साडी में आवेले उहा भी लईका के सावधान कईल जाला की देख बबुवा तोहरा जिनगी में खतरा के लाल रंग ओढले खतरनाक नागिन के आगमन होखेवाला बा | लाल चूड़ी, लाल टिकुली, लाल होठलाली, लाल महावर औरी लाल नोहपालिस सब खतरे के चिन्हासी रहेला बाकिर लईका ओह बेर पूरा भेडा बन गईल रहलन उनकर मालूम रहेला की आगा गाडहा खोनाइल बा औरी ओह गाडहा में बहुते कोई गिरल बा फिर भी लाइका लोग जान बुझ के गिरे के चाहे लोग |

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