बीरगंजबासी खातिर खुशखबरी “बीरगंज मे बने जा रहल बा मनोरंजनात्मक पार्क आ खुल्लामञ्च”

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बीरगंज, १६ चईत

राजनीतिक दाव पेच आ आन्दोलन के भवर मे बहुते दिन से फंसल देश के आर्थिक नगरी बीरगंज के घंटाघर के बगल आ ब्यारेक के आगा स्थित खाली जमीन मे खुल्लामञ्च सहित के मनोरंजनात्म्क पार्क के निर्माण होखेवाला अवधारणा आगा आईल बा । आपन शहर आपन धरोहर बीरगंज महानगरपालिका आ नेपाल सरकार के संयुक्त रूप मे सघन शहरी बिकास कार्यक्र्म के अन्तर्गत खाली जमीन पर  मनोरंजनात्म्क पार्क निर्माण के अवधारणा आ ओकर प्रारम्भिक डिजाईन तैयार कईल गईल बा ।

पार्क निर्माण खातिर राजधानी से आर्किटेक्ट डिजाइन कम्पनी के तैयार कईल डिजाईन मे खुल्लामञ्च सहित के मनोरंजनात्म्क खुल्लापार्क, वाटर फाउंटेन, मार्निंग वाक खातिर अलगे क्षेत्र आ ग्रीनरी एरिया बनावे के अवधारणा बनावल गईल बा । कम्पनी के तैयार कईल डिजाईन के उपर संबन्धित ब्यक्ति लोग आजू शुक के दीने बतकही भी कईले बा लोग ।

बीरगंज महानगरपालिका के मेयर बिजय कुमार सरावगी, प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत गोपाल प्रसाद रेग्मी, योजना महाशाखा के प्रमुख राजेश चौरसिया, बरिष्ट प्रशासकीय अधिकृत सुमन श्रेष्ठ, मझौला एकीकृत शहरी बातावारणीय सुधार आयोजना के प्रबन्धक शेलेन्द्र श्रेष्ठ के साथ साथे जनप्रतिनिधि आ कर्मचारी लोग के उपस्थिती मे आर्किटेक्ट डिजाईन के प्रतिनिधि सुमन महर्जन पार्क के बारे मे तैयार कईल आपन आवधारणा सब के सोझा जानकारी करवले ।

पार्क निर्माण करे खातिर खाली जमीन पर रहल घर झोपड़ी हटावे के साथे बिस्तृत परियोजना प्रतिबेदन जल्दी से जल्दी तैयार कर के पार्क निर्माण के काम आगा बढ़ावे के बरिष्ट अधिकृत सुमन श्रेष्ठ बतवले । पार्क निर्माण के बारे मे अवधारणा तैयार हो गईल बा आ नेपाल सरकार के लियावल सघन शहरी बिकास कार्यक्रम के बजेट से पार्क निर्माण के काम के गति देवे के उनकर कहनाम रहे ।

निर्माण होखेवाला पार्क मे १ बिगहा ८ कट्ठा जमीन मे खुल्लामञ्च आ पौने तीन बिगहा मे मनोरंजनात्म्क खुल्ला पार्क निर्माण करे के अवधारणा प्रबन्धक शैलेन्द्र श्रेष्ठ बतवले । रेलवे बिभाग के नाम मे रहल जमीन तत्कालीन बीरगंज उपमहानगरपालिका के बीपी उधान निर्माण के खातिर आफ्ना नाम पर भईला पर मधेस आन्दोलन के बाद मधेसी शहीद उधान के रूप मे नामकरण कईल रहे । ओकरा बाद ओ जमीन के उपर अभी तक राजनीति के खेती होते आ रहल देखल गईल बा ।

राजनीतिक दल लोग शहीद के नाम मे बोर्ड रखे के कंपिटिसन करे के माकिर निर्माण के खातिर कौनों सोच चाहे पूर्वाधार ना लियावला के चलते यी खाली जमिन के अइसन दूरदशा अभी तक  बा । यी पार्क के निर्माण अगर बिना राजनीतिक रुकावट के हो जाता त बीरगंज शहर के एगो पार्यट्कीय पूर्वाधार के संरचना तैयार हो जाई जेसे देश बिदेश के पर्यटक के बीरगंज प्रति आकर्षित करे मे मदत होई ।

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