मिथिलेश चौरसिया

जबसे हमरा नेपाल के राजनीति के ज्ञान होखल सुरु भईल, एक बात हमरा अजिब लगेला वीरगंज सहर के बारे मे , कबो कबो सोचेनी कि सचमे वीरगंज सहर उल्टा ह कि ईहाके लोग उल्टा कि कहि इहा होखेवाला प्रदर्शन उल्टा ह ?

आज खबर आईल कि गौमास वाला मसला विवादमे वीरगंज सहर सबसे आगाडी आवत पाकिस्तानी प्रधानमन्त्री नवाज शरीफ के पुत्ला दहन कईले । यी प्रदर्शन भी हमरा उल्टा हि लागत बा, सायद हम हि उल्टा बानी कि ? का पाता? हमार यी सोच अईसेही ना भईल बा कुछ घटना याद करत बानी काहेकी …

१. हृतिक रोशन काण्ड –

सायद हमार चेतना के पहिल प्रदर्शन ह वोहिसे पहिला स्थान मे रखले बानी, आगाडी के अगर अपने जानत बानी त जरुर लिखेम । जहा हृतिक रोशन कांड के मधेशी बिरोधी दंगा भी बतावल जाला वोहिजे उ दिन बीरगंजके ठाकुर राम कैंपस से हृतिक रोशन के खिलाफ आ नेपाली मीडिया से बतावल सुचना के समर्थन में बिद्धार्थी रैली निकलल रहे । यी घटना अजीब एसे भी बा की जहा एक और काठमांडू आ दोसर पहाड़ी सहर में मधेशी के ऊपर धरपकड़/मारपीट होत रहे वोहिजा बीरगंज में यी कांड के समर्थन में रैली निकलल रहे । (हमर भैया खुदे सामील रलन , ओसे याद बा )

२. राजावादी के गढ़ काहे ?-

जहा ६२/६३ के जनांदोलन के बाद एक और नेपाल गणतंत्र देश हो गइल रहे वोही बीरगंज में एकर कुछे दिन के बाद “राजा आउ देश बचाऊ” कहके ज्ञानेन्द्र के समर्थन में प्रदर्शन भईल रहे आ आज भी हमरा लागेला की देश भर में सबसे जादे राजावादी प्रदर्शन बीरगंज में ही होला । हमारा अजीब एसे भी लागेला की मधेशी जवन हालत में बाडन आ जवन पहिचान के आन्दोलन के बात होता आज , ओकरा लाए बहुत हदतक राजा सभन भी जिम्मेवार बाडन । फिर भी पाता ना काहे राजावादी के एतना प्रदर्शन बीरगंज में ही होला आ एमे बीरगंज के ही नाम काहे अगाडी आवेला ?

३. हिंदूवादीवादी के गढ़ बीरगंज काहे ? –

जहा नेपाल एक और धर्मनिरपेक्ष हो गइल बा ओही बीरगंज में आज भी लगभग हर दिन कवनो ना कवनो संस्था द्वारा हिन्दू धर्म के रैली वा प्रदर्शन होत रहेला । कुछ अजीब एसे भी लागेला की जहा पहाड़ में मुस्लिम धर्म ना के बराबर बा आ बाड़े त बुधिष्ठ वोहिजान हिंदूवादी प्रदर्शन ना होखे? जेतना की बीरगंज में होला जाहा मुस्लिम के संख्या पहाड़ के तुलना में कही गुना जादे बा ।

४. भारत के अन्धा भक्त आ पाकिस्तान के दुश्मन जईसन भईल जात बा बीरगंज –

आज जवन गौमास मसला पर प्रदर्शन भईल बा, यी त हमरा लाए बढ़ अचरच के बात बा काहेकी एक और नेपाल महाभुक्प से पीड़ित बा आ जाहा एक और राष्ट्रिय शोक मानावल जात बा वही बीरगंज के धर्म के ठेकेदार के नया बिषय मिल गईल बा – गौमास !

नेपाल भर गौमास मसला के बिरोध नइखे भईल माकिर बीरगंज ही फर्स्ट आईल बा एकर बिरोध करेमे । आखिर एक प्रश्न त करिये सकल जात बा कि “देलस केहु आ खाई कहु आ सरदर्द होता केहु आउर के” ? यी हे विरोघ काठमाडौँ वा पिडित क्षेत्रसे भईल रहित त तनिक सोभित भी माकिर हम्नी के त आदत हो गईल बा बेजरुरियात बोलेके?

येतना कहला पर भी हम पाकिस्तान के पक्ष् नईखी लेत कि गौमास मसला भेजल ठिक ह । माकिर जेतना नेपालमे  (जहा अधिकतर लोग हिन्दु बाडे ) गौमास मसला भेजल गलत ह वोतने यी बिषय के अतिरन्जित करके राजनीति कईल भी वोतने गलत ह । अच्छा यी रहित कि वीरगंज के जगह काठमाडौँ मे बिरोध होइत आ हिन्दुके ठेकेदार लोगन के  जगाह नेपाल सरकार एकर बिरोध करते । माकिर ना, भाई हमनी कईसे  चुप रह सकिले , बोलेके जे आदत बा । 

अगर  बिरोध हि  करके बा त नेपाल में राष्ट्रिय बिषय बन चुकल भारतीय सहयोग आ सहयोग के नाम में हो रहल जासूसी पर करी, कवनो  रैली करी , कमसे कम कवनो प्लेकार्ड प्रदर्शित करी माकिर ना यी सब कहा होई? यी प्रदर्शन कहा रहे जब कलैया जलत रहले ? जब गौर में नेपाली प्रशासन आतंक मचवले रहले ? वोह बेर कलैया, गौर के दुःख याद ना आवत रहे का? जाएदी खैर यी एक अलग बिषय बन सकत बा , लवटल जाव आज के बिषय पर ।

गौमास मसला के बिषय पर बीरगंज आगे आईल पर यी बिषय पर दोषर सहर कहा बाड़े ? काहे दोषर सहर में एपर बिरोध अभी तक नइखे भईल? त अईसन बिषय पर बीरगंज आ बीरगंजबासी के ही काहे एतना चिंता होत बा ? हमरा बिचार से यी प्रदर्शन भी ठीक नइखे काहेकी यी प्रदर्शन से बीरगंज के ही मुस्लिम लोगन के मनमें संका उब्जी , वोइसे भी पाकिस्तान कहिये देले बाडन की हरेक पाकेट पर इंग्लिश/उर्दू  में सब कुछ साफ़ साफ़ लिखल बा, जेकरा खाएके होई उ खाई ना खाएके होई उ ना खाई । उनकर देश मुस्लिम ह, सायद वुहा गौमास वाला मसला खाएके परम्परा होखे ? यी प्रदर्शन से दोषर कुछो ना माकिर अपने मित्र/छरछिमेक के मुस्लिम भाईबंधू के मनमे संका पैदा होई आ हिन्दू वादी वा भारत परस्त सहरके रुपमे वीरगंज सहर के छबि बनत जाई ।

५. सहयोग के नाम में होरहल बाईबल घटना के भी बिरोध करी ?

जहा गौमास मसला पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के पुतला जलावल गईल बा वही सहयोग के नाम पर कार्टून में एक लाख प्रति बाईबल भेजल गईल बा । सहयोग के नाम में बाईबल भेजल भी  त नाजायज बात ह नु , त एह घटना के काहे नइखे बिरोध होत ? बिरोध प्रदर्शन करेमे में त बीरगंज बाकी सहर से फर्स्ट ह नु त एमे भी प्रदर्शन होखो, जेसे कम से कम यी मेसेज त जनता में जावो की खाली मुस्लिम से जुडल मामला में ही ना क्रिस्चियन आ दोषर मामला जेमें गलत बात बा सबके खबरदारी करेमे बीरगंज सहर हमेसा आगे रहेले । तब जाके बीरगंज के कही उल्टा ना सुल्टा इमेज बनी , की कईसन ?

धन्यबाद !

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