बेधड़क, दिलफेंक डान्स से झूमल वीरगंज-“फ़्लैश मॉब” के भईल शुरुआत

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वीरगंज, चईत १९

आजू वीरगंज माई स्थान चौक प कुछ लईका-लईकी द्वारा आधुनिक पश्चिमी गीत-संगीत के धुन में क़दमताल करत नाच के प्रदर्शन कईल गईल। संझिया ७:४० मिनट प अचानक कुछ लईका-लईकी पश्चिमी भेष-भूषा में माई स्थान चौक प जमा भईल आ नाच करल शुरू क देहलख लोग। पहिले त ओह लंग के दोकानदार से लेके राह चलत लोग के कुछो ना समझ में आईल। बाकिर संगीत के धुन आ नाच के शैली एतना आकर्षक रहे कि राही से लेके दोकानदार तकले ई दृश्य के देखे से अपना आप के रोक ना सकल। देखते-देखते ऊँहवाँ लोग के भीड़ जमा हो गईल। फेर त फ़िल्मी स्टाइल में हो रहल ई समूह नाच के नज़ारा, सबकेहू अपना-अपना मोबाइल में रेकोर्ड करे लागल।

अचानक बाज़ार में आके लोग के बीच शुरू क देवल नाच के ई स्टाइल के “फ़्लैश मॉब(flash mob)” कहल जाला। पश्चिमी देश में डान्स के ई ढंग बड़ा पॉप्युलर बा। माई स्थान के एह भीड़ में ज़्यादातर १५ से २० साल के लईका-लईकी लोग लउकल। सीटी के गूँज आ ताली से सारा लोग नाच रहल समूह के उत्साह बढ़ावे लागल। पता कईला प जानकारी मिलल कि ई “फ़्लैश मॉब” के प्रदर्शन वीरगंज, पान गली में खुलल एगो डान्स एकेडमी के प्रचार खातिर कईल जा रहल बा।

आपन वीरगंज के रिपोर्टर से बात करत ई डान्स एकेडमी के डाईरेक्टर आ कोरिओग्राफर प्रमोद महतो कहनीं “हमनी के एकेडमी में परम्परागत से लेके आधुनिक डान्स के सब फ़ॉर्म बहुते महीन ढंग से सिखावल जाला। हमनी ईहां बहुत दक्ष डान्स टीचर लोग बा।” प्रचार के लेल ई अनोखा ढंग के बारे में बोलत उहाँ के कहनीं “बिना ख़र्चा के आपन प्रतिभा के लोग के सोझा राखे के एह से बन्हीआ और कवनो ढंग ना रहे। एह ढंग से हमनीं सीधे लोग के नज़र में आएब।” डान्स एकेडमी के द्वारा नाच के ई आकर्षक ढंग “फ़्लैश मॉब” के एगो नया शुरुआत मानल जा सकता।

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