भारतीय प्रधानमंत्री भोजपुरी से कईनीं भाषण के शुरुआत, जतरा से बढ़ीं भोजपुरी के मान

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वीरगंज, चईत २९

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के मोतिहारी जतरा के सन्दर्भ में साहित्यिक चेतना मंच, रक्सौल के बईठक भईल। जवना में भोजपुरी भाषा भारत के संविधान के आठवीं अनूसूचि में शामिल करे खातिर भारतीय PMO के पत्र लिखे के भाषा अधिकार खातिर जन जागरण खड़ीआवे के आ सोशल मीडिया पर एह भाव के अलख जगावे के निर्णय लिहल गईल । एह बईठक के अध्यक्षता डा. हरीन्द्र ‘हिमकर’ कईनी।

महान संत तुलसीदास के जीवन प लिखल प्रसिद्ध भोजपुरी खंड़काव्य “रमबोला” के लेखक डा. हरीन्द्र ‘हिमकर’ जी कहनीं “स्वच्छाग्रह के शुरुआत करे खतिरा भारत देश का कोना-कोना से जमा कईल स्वच्छाग्रहियन का जमावड़ा का बीच भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी के भोजपुरी में भाषण के शुरुआत सुन के भोजपुरी भाषा के सम्मान दिआवे खातिर लड़ेवाला भाषा अधिकार आग्रहियन का मन में हुलास के लहर दउर गईल बा।

हमरा बुझाता जे भोजपुरी माईयों के दिन बहुरल । बुझाता एह साल में करोड़न भोजपुरी भाषियन के माई भाषा के मान राखे खतिरा भारतीय प्रधानमंत्री आठवीं अनुसूची में शामिल क के अपना चम्पारण जतरा के सार्थकता सिद्ध करब।” पुरनका एगो जतरा के संदर्भ ईयाद करावत उहाँ के कहनीं “भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी का दरभंगा जतरा का बाद पिछला बेरी मैथिली केke ई सम्मान मिलल रहे ।”

एह बईठक में विचार राखेवालन में कमलेश कुमार , कृष्ण कुमार सिंह , संजय सिंह गौतम , प्रकाश सिंह , डा. अनिता सिन्हा , रामपुकार सिंह जाहिल ,गोपाल प्रसाद , राज किशोर राय , राम एकबाल सिंह , राधा रानी ,सरिता राय आदि लोग रहे ।

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