भारत के सर्वोच्च अदालत से इतेहासीक फैसला कइल

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काठमाडौं,२१,भादों। भारत के सर्वोच्च अदालत से बषौं से विवाद मे रहल समलैंगिकता के बैध ठहर कइले बा।
अपराध के श्रेणी मे राखल समलैंगिकता के भारत के सर्वोच्च अदालत अपराधी के श्रेणी से हटा के बैध ठहर कइले बा ।
अदालत के आजु के फैसला सुनावत समलिङ्गी सब के भि आम नागरिक जेइसन बाँचे के अधिकार मिले के चाही कहते बैध ठहर कइले बा ।
सन् २०१३ मे नयाँ दिल्ली के उच्च अदालत मे समलैंगिकता सब अबैध ठहर भइला के बाद बहुती जादा विवाद आ विद्यार्थी सब के अदालत के फैसला के विरुद्व मे मुद्दा दायर भइल रहे ।
इ निर्णय संगे भारत मे रहल समलिङ्गी सब मे खुशियाली छाइल बा।

उ सब केहु के अदालत के अइ सन फैसला के उच्च कदर करते हमनि सब के उपर न्याय भइल प्रतिक्रिया देहले बानि। (एजेन्सी)

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