भोजपुरी के धरोहर व्यक्तित्व : बारा कचोर्वा के जनकवि हरिहर यादव

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सब देवतन में देवता किसान बा हो भाई
अन्न कहे पानी से लगब गुरूभाई,
साँचे कह हमे तोहे कवन बनाई
परिहत करेला परहित खेती पालो पाले जहान
हरहरिस के जोग से भइया उब्जे धान किसान
सब देवतन में देवता किसान हो भाई
पर्वत पहाड़क काटी समतल बनाई,
रहे शमशान जहाँ हीरा उब्जाई
सब देवतन में देवता किसान हो भाई
केरा खइहेन ठाकुर जी केरा ना लगाई,
रही ना किसान जहीआ दुनियाँ बिलाई
सब देवतन में देवता किसान हो भाई

दुनियाँ में शिक्षा, साधन श्रोत आ सुबिधा से कुछ कइल जाला । कुछ कइला पर नामों होला । एहतरे बहुतों केहु के नाम आगा आइल बा । बाँकिर कुछ लोग कुछ नाहियों रहला पर आपन इतिहास बना लेवेला ।

जी, अइसने लोग में से हई जनकवि हरिहर यादव। इनकर लिखल आ गावल एगो गीत ऊपर देहल गइल बा ।

इहाँ के आम जनता के गीत कविता रचत रहनी आ गावत रहनी । एहीसे इनका के लोग जंकवि कहेला । जनकवि हरिहर यादव के जन्म विक्रम संवत १९८५ में भइल मानल जाला । इहाँ के बारा जिल्ला के कचोर्वा गाँव में जन्मल रहनी । इहाँ के पटवारी लालबहादुर राय यादव के छोट बेटा रहनी ।

ओह बेरा राणाशाही में देश में पढ़ाई-लिखाई सम्भव ना रहे । बाँकिर इहाँ के पटावरी के बेटा रहनी । ओहिसे अपना घरे में कुछ पढ़नी, लिखनी ।

इनका लड़िकाइएँ से धार्मिक ग्रंथ पढ़ेके सौख रहे । इहाँ के भजन कीर्तन गावत रहनी। बांकिर इहाँ के खाली पढ़बे आ गइबे ना करीं । कुछ सोचतो रहनी । इनका एगो सवाल हरदम सतावत रहल । ऊ सवाल रहे, दुनियाँ में काम करेवाला काहे भूखे रहेला । उनकर पुकार ईश्वर भा देवी-देवता काहे ना सुनेलन ?

ओह बेर देश में राणाशाही रहे । १९९७ में सरकार गंगालाल, धर्मभक्त, दशरथचन्द आ शुक्रराज शास्त्री के मृत्यु दण्ड दे देलख । ओह से देश में राणाशाही के विरोध बढ़े लागल । बगावत के आग सुनगे लागल ।

ओहि क्रम में स्वर्ण शमशेर, बी. पी., पुष्पलाल, तुल्सीलाल, गणेशमान इनका गाँव क्षेत्र में आवत रहनी । ओह लोग से सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र झरौखर इलाका में इनकर भेंट भइल । भागवत यादव के संगे संगे इहों नेपाली कांग्रेस में आबद्ध हो गइलन ।

२००७ साल में क्रांति के बिगुल बाजल । हरिहर ओह क्रांति में जमके भाग लेलन । ओह क्षेत्र के कएगो थाना-चौकी पर एह लोग के कब्जा भइल । ओह समय कचोर्वा थाना के बड़का दबदबा रहे । इनकरा नेतृत्व में ओहु थाना पर क्रांतिकारी यन के कब्जा हो गइल ।

२००७ साल फागुन ७ गते देश में प्रजातन्त्र के घोषणा भइल । बांकिर कुछ क्रांतिकारी लोग ओह घोषणा से खुस ना रहस । ऊ लोग कहस : राजा, राणा आ कांग्रेस के बीच भइल सम्झौता ना निमही । देश में एह से प्रजातन्त्र ना चली । लोग आजादी के जिनगी ना जिए सकी ।

एही असंतुष्ट लोग में से एक जने हरिहरोजी रहस । २००८ साल में इनका कुछ कम्युनिष्ट नेता लोग से भेंट भइल । पुष्पलाल आ तुलसीलाल मुख्य नेता रहलन । हरिहरजी अखिल नेपाल किसान संघ में आ गइनी । किसान आन्दोलन में समर्पित हो गइनी ।

बारा आ रौतहट में किसान आन्दोलन उठल । ओह में इनकर प्रमुख भूमिका रहल । २००९ साल, २०११ साल आ २०१३ साल में कसके किसान आन्दोलन भइल । ओह आन्दोलन के हरिहरजी एकजने कुशल कमांडर रहनी ।

बाक़िर इहाँ के जनता के बीच में भाषण कम देत रहनी । गीत-कविता बेसी सुनावत रहनी । परिणाम ई होखे जे लोग इनके के बेसी माने ।

२०१३ साल के किसान आन्दोलन के क्रम में हरिहरजी गिरफ्तार हो गइनी । इहाँ के २ बरीस तक जेलो जीवन बिताइनी । हरिहरजी २०१५ साल के आम चुनाव लड़नी । इहाँ के नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के उम्मेदवार रहनी । बाक़िर कुछ कमजोरी के कारण चुनाव हार गइनी ।

बाक़िर देश में प्रजातन्त्र निरन्तर आगे ना बढ़े सकल । २०१७ साल में राजा महेंद्र निर्दलीय पंचायती व्यवस्था ले अइलन । इहाँ के ओह के माने से इनकार कर देनी । परिणाम इ भइल इनका पूरा पंचायतकाल भारत में बितावे के परल । बाक़िर २०३६/०३७ में जनमत संग्रह के बेरा इहाँका देश में आइल रहनी ।

इहाँ के ओह बेरा के राधेश्याम रामायण के लाय में कुछ किताब लिखनी । मुक्ति मार्ग, नेपाल के वर्तमान पंचायत दर्शन आ बेन बध ओह में प्रमुख किर्ति बा । दुर्भाग्य से बेन बध प्रकाशित ना होखे सकल ।

एही तरे राजनीतिक घटनाक्रम पर इनकर पुस्तक रहल दादा कामरेड । इनकर किताब सब हिन्दी में आ गीत भोजपुरी में लिखल मिलेला । बाक़िर हिन्दी पर भोजपुरी के प्रभाव मिलेला ।

इनका भाग्य-भगवान में कवनों विश्वास ना रहे । इहाँ के क़हत रहनी :

ना ब्रह्मा के लिखल ई तकदीर बा
ई त धूर्त बेइमान के ततबीर बा
ए ढकोसला के पर्दा हटइबे करम,
हम त लाल निशा फहरइबे करम ….

अइसन किसान नेता हरिहर यादव के कचोर्वा में अपने निवास में २०६१ कातिक ८ गते देहान्त हो गइल ।

लेख साभार – भोजपुरी के धरोहर व्यक्तित्व, पहला संस्करण वि. स. २०६४,
लेखक – गोपाल ठाकुर व ऋषभ देव ठाकुर
प्रकाशक – नेपाल सरकार, शिक्षा तथा खेलकुद मंत्रालय, पाठ्यक्रम विकास केंद्र, सानोठिमी, भक्तपुर, नेपाल

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