भोजपुरी के 100 गो मशहूर कहाऊत अउर मुहावरा

१. दू बेकत के झगड़ा, बीच मे बोले से लबरा।

२.बाप के नाम साग पात, बेटा के नाम परोरा।

३.चउबे गईलन छब्बे बने दूबे बन के अईलन।

४.हाथी चले बाजार कूकूर भूंके हजार।

५.अण्डा सिखावे बच्चा के कि चेंव चेंव जन कर।

६.चिरई के जान जाए, खवईया के स्वादे ना।

७.पानी में मछरी, आ नव नव कुटिया ।

८.ना खेलब ना खेले देब, खेलवे बिगाड़ देब।

९.आम के आम आ अँठिली के दाम।

१०.आन्हर गुरु बहिर चेला, माँगे गुड़ तऽ देवे ढेला।  

 

११. छूछी हाँड़ी टनटन बाजे।

१२. मूस मोटइहें, लोढ़ा होइहें, ना हाथी ना घोड़ा होईहें।

१३.अनकर धन पाईं त नौ मन तौलाईं

१४. नानी के धन, बेइमानी के धन, आ जजमानी के धन फले ना।

१५. धोबी के कुकुर, ना घर के ना घाट के।

१६. मिले मियाँ के माँड़ ना, आ बिरयानी के फरमाइश ।

१७. बड़ बड़ जाना दहाईल जास, गदहा पूछे कतना पानी।

१८. सावन में सियार जमलें, भादो में बाढ़ आईल। कहलन कि जिनिगी में अइसनका बाढ़ त देखबे ना कईनीं ।

१९. इतर के पानी भीतर गइल, चुम्मा लेत में जात गइल।

२०. एक लाख पूत, सवा लाख नाती, ओकरा घरे दिआ ना बाती।

 

२१. सउतन के खीस कठौती पे । 

२२. जेकरा नोहे ना, से बकोटी का ?

२३. सात बेर सतुवन आ भातार के आगे दतुवन । 

२४. पढल फारसी आ बेचल तेल, देख भइया करम के खेल । 

२५. आपन घर हग हग भर, आ दोसरा के घर मे थूकहू मे डर । 

२६.  कूकूर पोसले बानीं तऽ भूँकी मत।

२७. आदमी के भूख लागी अपने से खाई, बकरी के भूख लागी लकड़ी चबाई।

२८. अबर बानी, दूबर बानी, भाई में बरोबर बानी।

२९. बतिया पंचे के रही, खूंटा रहिये पर रही।

३०. उड़त चिरई के हरदी लगावल।

 

३१. जहाँ सूई ना समाय, तहाँ फार घुसिआय।

३२. परिकऽ हो बिलार, एकदिन खईब मूसली के मार।

३३. बापे पूत, परापत घोड़ा, बहुत नहीं तऽ थोड़ा थोड़ा।

३४. हथिया हथिया कईलन, गदहो ना ले अईलन।

३५. खाईब तऽ गेंहूँ, ना तऽ रहब एहूँ।

३६. बबुआ जनमले गोर ना भइलें तऽ अबटला से होखिहन?

३७. ना निमन काम करब, ना दरबारे धऽ के जाईब।

३८. बाढ़े पूत पिता के धरमे, खेती उपजे अपना करमे।

३९.भइल बिआह मोर करबऽ का, बेटी छोड़ के लेबऽ का?

४०. बईठल बनिया का करे, एह कोठी के धान ओ कोठी धरे।

 

४१. जबरा मारबो करे आ रोवहूँ ना देवे।

४२. पोखरा में मछरी, नव नव कुटिया बखरा।

४३. माई के जीव गाई, पूता के जियुवा कसाई।

४४. माई करे धिया धिया, धिया करे छिया छिया ।  

४५. भल मुअनी, भल पिलुआ परल।

४६. ना चिन्हऽ तऽ नाया कीनऽ।

४७. बुरबक के ईयारी आ भादो के उजियारी।

४८. अघाइल बकुला, पोंठिया तीत।

४९. बड़-बड़ भूत कदम तर रोवस, मुअना माँगे पुआ!

५०. सराहल धिया डोम घरे जाली।

५१. लिलार बड़ सरदार के, गोड़ बड़ गँवार के।

५२. सेतिहा के सेनुर, भर गाँव बिआह।

५३. दमड़ी के चाम गइल, कुकुर के जात चिन्हाइल।

५४. थूक चाटला से पियास ना बुताए।

५५. कूदे फाने तूरे तान, सेकर दुनिया राखे मान।

५६. रत्ती देके मांगे तोला, नाम बतावे आपन भोला।

५७. केहू ताने तम्मू, केहू ताने भगई।

५८. अघाइलो भईंसा नव कट्ठा चरे।

५९. केकर-केकर लिहीं नाम, कमरी ओढ़ले सगरी गाँव।

६०. ए छूँछा तोरा के पुछा?

 

६१. पुलिस के मिताई से जुदाई भल।  

६२. लाजे भवः बोलस ना, स्वादे भसुर छोड़स ना।

६३. अनेरिया गाय के राम रखवार।

६४. जइसन रहलऽ हो कुटुम्ब, वोइसने पवलऽ हो कुटुम्ब।

६५. बुड़बक का लगे पैसा रहो त चतुर खइला बिना ना मरे।

६६. निमना के घरे बयना देल।

६७. घर के जोगी जोगड़ा, आन गाँव के सिद्ध।

६८. अन्हरा बाँटे रेवड़ी, घूम फिर अपने के दे।

६९. कोढ़िया डेरावे थूक से।  

७०. बिना बोलवले बरूआ बोले, बिना हवा के पीपर डोले।

 

७१. जाहां गाछ ना बिरिछ उहाँ रेंड़ परधान।

७२. मँगनी के बैल के दाँत ना देखल जाए।

७३. पड़ूआ बैल के हेहवऽ के आशा।

७४. खेत खाए गदहा, मार खाए जोलहा।  

७५. तूहू लूटऽ हमहूँ लूटीं, लूटे के आजादी बा, सबले अधिका उहे लूटी, जेकरा देह पर खादी बा।  

७६. बुरबक बूझावे से मरद।

७७. ऊगिलत आन्हर निगलत कोढ़ी।

७८. मियाँ जी दूबर काहे? शहर के चिंता से।  

७९. जवना खातिर अलगा भइनी, तवने मिलल बखरा।

८०. सौतिन के खीस कठौती प।

 

८१. पांच कवर भीतर, तब देवता पित्तर।  

८२. लंगटा पहिरी त का, आ बिछाई त का?

८३. लब-लब करे बहुरिया के जीव, कब हटस सासू कि चाटी घीव!

८४. आगे नाथ ना पाछे पगहा, बिना छान के कूदे गदहा। 

८५. दुलहवो के भाई, कनियवो के भाई!

८६. एक त गौरा अपने गोर, ओपर से लिहली कमरी ओढ़।  

८७. आपन छउड़ी नीमन रहित त बिरान पारीत गारी।  

८८. अपना दुख से भइनी बाउर, के कूटी सरकारी चाउर?

८९. जवना हाँड़ि के झाप ना, ऊहाँ बिलाई के लाज ना!

९०. ना काम के ना काज के दुशमन अनाज के।

 

९१. जब जइसन, तब तइसन, ना करे, त, मरद कइसन?

९२. तोरा बैल मोरा भईसा, हम दूनों के संगत कइसा?

९३. एक लाख पूत, सवा लाख नाती, ओकरा घरे दिआ ना बाती।  

९४. चलनी दूसे सूप के जेकरा में सतहतर छेद।  

९५. एह हाम हूम में देवान जी के तजिया।  

९६. हँसुआ का बिआह में खुरपी के गीत।

९७. इतर के पानी भीतर गइल, चुम्मा लेत में जात गइल।  

९८. खड़ा होखऽ त कोड़ऽ, बइठऽ त चिखुरऽ।  

९९. अलगा में बड़ दुख तियना के बड़ सुख ।

१००. अकील चरे चल गइल।

 

१०१. बरओ के भाई आ कनिओ के भाई ॥

१०२.बरओ के मउसी आ कनियो के मउसी ।

१०३. नयाँ पर महारानी भइली , डोली चढ़के हगे गइली ।

रउआ के कवन कवन कहाउत पसन्द आइल जरुरे लिखी आ जदी रउआ के अउरी नया नया कहाउत आवेला त कमेंट मे लिखी । 

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