भोजपुरी जागरण ६ – नेपाल के भोजपुरी अउरी अश्लीलता !

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“दोहा के रंग जम गईल भाषा भोजपुरी के संग

अश्लीलता के साथ लडल जाव भोजपुरी के जंग

अशोक कुशवाहा

नेपाल में भोजपुरी भाषा नेपाल देश के जनम के पहिले से चलल आइल बहुते पूरान भाषा ह । भोजपुरी भाषा एगो बहुते समृद्ध भाषा ह, एही के करते आज ई भाषा विश्व स्तर पर बहुते सुनदरता के साथ करोड़ो जनमानस के बिच बोलल जाला । नेपाल के पुरबी जिल्ला सर्लाही से लेके पश्चिम रुपन्देही तक भोजपुरी भाषा बोलल जाला ।

भोजपुरी भाषा के जनभाषा के रूप में विश्व स्तर पर सर्बाधिक प्रतिष्ठित ओहदा मिलल बा । ई बात त सारा दुनिया के बखूबी मालूम बा की भोजपुरिया भाषी दुनिया के कौनो भी कोना में गइल बा उहा आपन भोजपुरी भाषा के मान औरी सम्मान के साथे परचम लहरइले बा ।

एकर उदाहरण स्वरुप रउवा भारत में अंग्रेजन के राज में बिहार से गिरमिटिया लोग के बिदेश में पलायन औरी बिदेश में भोजपुरी संस्कृति के बिकास के फैलावल गइल भाषिक चादर के ले सकिले ।ई भोजपुरी भाषी लोग के आपन भाषा प्रति के प्यार ह जे आज दुनिया भर में भोजपुरी के डंका बाज रहल बा ।

हमनी के देश में भोजपुरी बोलेवाला लोग के क्षेत्र एतना लमहर होते हुवे भी भोजपुरी भाषा के आपन घरही में इज्जत औरी सम्मान नइखे मिलत । जेकरा आपन घर में आदर सम्मान नइखे मिलत ऊ बाहरा के लोग से का आश रख सकता ।

रउवा अगर दोसर भाषी के आदमी लगे भोजपुरी के नाम रखी त लोग घृणित नजर से देखेला जइसे के राउवा कौनो गुनाह कर देहेले बानी काहे की सभे कोइ के मन में अश्लीलता भोजपुरी के पहिचान बन के बइठ गइल बा ।

हमनी के यूवा पीढ़ी के ज्यादा दोष देहेंम जे अश्लीलता के बढावा देहले बा लोग औरी भोजपुरी जइसन मिठ भाषा के अश्लीलता में सांगितिक रूप देके बदनाम कर रहल बा लोग ।

आज-काल के शादी बियाह में सात सहेलिया चाहे आर्केस्ट्रा में युवा पीढ़ी के अश्लीलता पर झुमत देख के शिर शरम से झुक जाला । ई आधुनिक दुनिया में अश्लीलता के करते भोजपुरी संस्कृति काल के गाल में धीरे धीरे समाइल जाता औरी मन में डर भी रहता की आधुनिकता औरी अश्लीलता के एह आन्ही में भोजपुरी के पहिचान अश्लीलता ही बन के ना रह जाए ।

अब ऊ समय आ गइल बा की नाय युवा पीढ़ी में भोजपुरी के मिठास औरी भोजपुरी भाषा सम्बन्धी उच्च कोटि के ज्ञान के अभियान चलावल जाव । इनार के बेंग नियन क्षणिक ख़ुशी खतिरा अश्लीलता में भुलाइल भटकल लोग के दुनिया के हर भाषा से शाब्दिक औरी साहित्यिक धनिक भाषा भोजपुरी के ज्ञान बाटल जाव । शब्द औरी साहित्य के धनिक भोजपुरी भाषा के ज्ञान जब जक जन जन में ना फैली तब तकले लोग के आँख पर परल अश्लीलता के करिया पर्दा ना हटी ।

भोजपुरी अध्यन तथा अनुसन्धान केन्द्र द्वारा हमनी भोजपुरी भाषा के राजधानी मानल गइल नेपाल के पर्सा जिल्ला के बीरगंज नगरी से आपन अभियान शुरू कइनी औरी एह अभियान से बहुते बढ़िया प्रतिफल प्राप्ति भइल जवन हमनी के सोच से भी बहुति रहल ।

हमनी के ई संस्था के प्रमुख उदेश्य अश्लीलता सम्बन्धी के अध्यन रहल । एह अध्यन में हमनी पर्सा जिल्ला के पोखरिया से लेके बारा जिल्ला के इतिहासिक जगह सिमरौनगढ़ तक सांगितिक अउरी बतकही कार्यक्रम जगह जगह पर कइल गइल औरी इहा अश्लीलता के बात उठावल गइल ।

हर कार्यक्रम में १०० से लेके ४०० के संख्यामें आदमी लोग के सहभागिता रहल औरी हर जगह अश्लीलता के ऊपर एके गो बात सुने के मिलल की अश्लीलता भोजपुरी के पहिचान ना ह ।

सभे कोइ अश्लीलता के बिरोध में ही रहल लोग । आज अगर हमनी अश्लीलता के बिरोध में एक जुट होंके बिहार राज्य से घुसपैठ कर रहल अश्लीलता के ना रोकल जाइ तब बिहान ई अश्लीलता ही हमनी के भाषा भोजपुरी के पहिचान बन के रह जाइ ।

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