भोजपुरी जागरण ७ – “नेपाल के शिक्षा प्रणाली औरी भोजपुरी भाषा !”

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भोजपुरी जागरण ७ – “नेपाल के शिक्षा प्रणाली औरी भोजपुरी भाषा !”

अशोक कुशवाहा

नेपाल में भोजपुरी भाषा नेपाल देश के जनम के पहिले से चलल आईल बहुते पूरान भाषा ह । भोजपुरी भाषा एगो बहुते समृद्ध भाषा ह एही के करते आज यी भाषा बिश्व स्तर पर बहुते सुनदरता के साथ करोडो जनमानस के बिच बोलल जाला । नेपाल के पुरबी जिल्ला सर्लाही से लेके पश्चिम रुपन्देही तक भोजपुरी भाषा बोलल जाला । भोजपुरी भाषा के जनभाषा के रूप में बिश्व स्तर पर सर्बाधिक प्रतिष्ठित ओहदा मिलल बा । यी बात त सारा दुनिया के बखूबी मालूम बा की भोजपुरिया भाषी दुनिया के कौनो भी कोना में गईल बा उहा आपन भोजपुरी भाषा के मान औरी सम्मान के साथे परचम लहरईले बा । एकर उदाहरन स्वरुप रौउवा भारत में अंग्रेजन के राज में बिहार से गिरमिटिया लोग के बिदेश में पलायन औरी बिदेश में भोजपुरी संस्कृति के बिकास के फैलावल गईल भाषिक चादर के ले सकिले । यी भोजपुरी भाषी लोग के आपन भाषा प्रति के प्यार ह जे आज दुनिया भर में भोजपुरी के डंका बाज रहल बा ।

हमनी के देश में भोजपुरी बोलेवाला लोग के क्षेत्र एतना लमहर होते हुवे भी भोजपुरी भाषा के आपन घरही में इज्जत औरी सम्मान नईखे मिलत । जेकरा आपन घर में आदर सम्मान नईखे मिलत ऊ बाहरा के लोग से का आश रख सकता । रउवा अगर दोसर भाषी के आदमी लगे भोजपुरी के नाम रखी त लोग घृणित नजर से देखेला जईसे के राउवा कौनो गुनाह कर देहेले बानी काहे की सभे कोई के मन में अश्लीलता भोजपुरी के पहिचान बन के बईठ गईल बा ।

हमनी के यूवा पीढ़ी के ज्यादा दोष देहेंम जे अश्लीलता के बढावा देहले बा लोग औरी भोजपुरी जईसन मिठ भाषा के अश्लीलता में सांगितिक रूप देके बदनाम कर रहल बा लोग । आज काल के शादी बियाह में सात सहेलिया चाहे आर्केस्ट्रा में युवा पीढ़ी के अश्लीलता पर झुमत देख के शिर शरम से झुक जाला । यी आधुनिक दुनिया में अश्लीलता के करते भोजपुरी संस्कृति काल के गाल में धीरे धीरे समाईल जाता औरी मन में डर भी रहता की आधुनिकता औरी अश्लीलता के एह आन्ही में भोजपुरी के पहिचान अश्लीलता ही बन के ना रह जाए ।

अब ऊ समय आ गईल बा की नाय युवा पीढ़ी में भोजपुरी के मिठास औरी भोजपुरी भाषा सम्बन्धी उच्च कोटि के ज्ञान के अभियान चलावल जाव । ईनार के बेंग नियन क्षणिक ख़ुशी खतिरा अश्लीलता में भुलाईल भटकल लोग के दुनिया के हर भाषा से शाब्दिक औरी साहित्यिक धनिक भाषा भोजपुरी के ज्ञान बाटल जाव । शब्द औरी साहित्य के धनिक भोजपुरी भाषा के ज्ञान जब जक जन जन में ना फैली तब तक लोग के आँख पर परल अश्लीलता के करिया पर्दा ना हटी ।

भोजपुरी अध्यन तथा अनुसन्धान केन्द्र द्वारा हमनी भोजपुरी भाषा के राजधानी मानल गईल नेपाल के पर्सा जिल्ला के बीरगंज नगरी से आपन अभियान शुरू कईनी औरी एह अभियान से बहुते बढ़िया प्रतिफल प्राप्ति भईल जवन हमनी के सोच से भी बहुति रहल । हमनी के यी संस्था के प्रमुख उदेश्य अश्लीलता सम्बन्धी के अध्यन रहल । एह अध्यन में हमनी पर्सा जिल्ला के पोखरिया से लेके बारा जिल्ला के इतिहासिक जगह सिमरौनगढ़ तक सांगितिक अउरी बतकही कार्यक्रम जगह जगह पर कईल गईल औरी ईहा अश्लीलता के बात उठावल गईल । हर कार्यक्रम में १०० से लेके ४०० के संख्यामें आदमी लोग के सहभागिता रहल औरी हर जगह अश्लीलता के ऊपर एके गो बात सुने के मिलल की अश्लीलता भोजपुरी के पहिचान ना ह । सभे कोई अश्लीलता के बिरोध में ही रहल लोग । आज अगर हमनी अश्लीलता के बिरोध में एक जुट होंके बिहार राज्य से घुसपैठ कर रहल अश्लीलता के ना रोकल जाई तब बिहान यी अश्लीलता ही हमनी के भाषा भोजपुरी के पहिचान बन के रह जाई ।

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