भोजपुरी भाषा के बिकास मे नया पीढ़ी के आवश्यकता : वास्तविकता अवुरी सम्भावना । भोजपुरी जागरण – १०

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भोजपुरी जागरण – १०

“भोज में पूरी औरी भाषा में भोजपुरी के बाते कुछ और बा “

भोजपुरी भाषा के बिकास मे नया पीढ़ी के आवश्यकता : वास्तविकता अवुरी सम्भावना ।

अशोक कुशवाहा

देश बिदेश में फैलल भोजपुरी भाषा, साहित्य अवुरी भोजपुरी संस्कृति के महत्व के देख के आज भोजपुरी भाषा, साहित्य, गीत, संगीत अवुरी संस्कृति में अभी तकले भईल बिकास के समीक्षा कईल बहुत जरुरी हो गईल बा । भोजपुरी भाषा के बिकास पर बिचार बिमर्स अवुरी चिंतन मनन करे के समय आगईल बा ।

भोजपुरी भाषा के देश बिदेश में बढ़ रहल भाषिक प्रसिद्धी अवुरी उन्नति के मध्ये नजर रख के भोजपुरी भाषा के हर सम्भव बिकास खतिरा नया युवा पीढ़ी लोग के भोजपुरी भाषा साहित्य, संस्कृति के शिक्षण, खोज, अनुशंधान अवुरी अध्यन प्रति जागरूक करे के समय आगईल बा ।

आपन देश से लेके बिदेश तक भोजपुरी के कैईसे बिकास कईल जा सकता एह बात खतिरा पुरनिया साहित्यकार लोग के रोहबर में रह के नया पीढ़ी के युवा लोग के अगुवा बनावल बहुत जरुरी हो गईल बा।
भोजपुरी भाषा के शिक्षण क्षेत्र में भोजपुरी भाषा बिशेषज्ञय के आभाव के साथ साथे भोजपुरी भाषी क्षेत्र में भोजपुरी भाषा के शिक्षक लोग खातिर तालीम के अभाव बा अवुरी हमनी के देश के सन्दर्भ में पाठ्यक्रम प्रकाशित होते हुवे भी पढ़ाई नईखे हो रहल ।

भोजपुरी भाषा के सन्दर्भ में भोजपुरी भाषा के साहित्य अवुरी संस्कृति के ऊपर नेपाल में कौनो ओइसन महत्वपूर्ण काम भईल नईखे देखल गईल जवना के कारण भोजपुरी साहित्य अवुरी संस्कृति के बिकास सिमित हो के रह गईल बा ।

भोजपुरी भाषा में बहुते पत्रपत्रिका भी प्रकाशित भईल बाकिर कुछ दिन प्रकाशन में रह के बन्द हो गईल । भोजपुरी भाषा जनसंचार अवुरी पत्र पत्रिका के तरफ भी नजर दौड़ावाल जाव त कौनो ज्यादा बिकास चाहे प्रगति देखे के नईखे मिलल ।
भोजपुरी भाषा के बहुते संघ संस्था भी स्थापित भईल बाकिर कौनो भी संस्था आपन अधिकारिक छाप ना बना सकल जवन रास्ट्रीय अवुरी अन्तरास्ट्रीय स्तर पर काम कर सके । आजतक कौनो भोजपुरी संस्था संस्थागत रूप से एतना मजबूत ना होखे सकल जवन भोजपुरी भाषा साहित्य के स्तीरय बिकास कर सके ।

नेपाल के सन्दर्भ में देखल जाव त भोजपुरी भाषा के बिकास, साहित्यिक अवुरी सांस्कृतिक बिकास के समृद्ध बनावे खतिरा एगो अईसन संस्था के जरुरत बा जवन जरुरत पडला पर देशी या बिदेशी भाषा चाहे साहित्य के अनुवादक के रूप में अन्तरास्ट्रीय स्तर पर काम कर सके । संस्था पूर्ण रूप से सबल रहे जवन देश बिदेश में रहेवाला भोजपुरियन जे भोजपुरी भाषा खातिरा रोमन लिपि के प्रयोग करे ला लोग वो भोजपुरियन लोग के देवनागरी भा कैथी लिपि के प्रयोग सिखा सके ।
भोजपुरी भाषा के ब्यावासयिक प्रयोग के अभाव भी हमनी के भाषा भोजपुरी के बिकास आगा नईखे बाढा सकल । भोजपुरी भाषा के बिकास में ब्यावासयिक जगत के बहुत बड़का योगदान हो सकता ।

अगर हमनी भोजपुरी भाषा, साहित्य, संस्कृति अवुरी गीत संगीत के स्तरीय ब्यापरिकरण करावल जाव त भाषा के बिकास करे के बहुते सहज होई, एकरा से नव युवा पीढ़ी में रोजगार के सृजना भी कईल जा सकता जेसे युवा पीढ़ी भोजपुरी भाषा प्रति आकर्षित होई लोग अवुरी भोजपुरी के बिकास में बिना बोलावले लागे में मजबूर हो जाई लोग ।

भोजपुरी भाषा के ईहे कमी कमजोरी के करते भोजपुरी भाषा के भाषिक क्षेत्र एतना बड़का होते हुवे भी आज हमनी के मातृभाषा भोजपुरी बिकास के मामला में एतना कमजोर बा । भोजपुरी भाषा के बिकास खतिरा आज तक जे जेतना भी कईले बा लोग बहुते सराहनीय काम काम कईले बा लोग बाकिर अब आगे के बिकास के जिम्मेवारी आजके नवयुवा पीढ़ी लोग के ऊपर बा ।

भाषा के साहित्यिक अवुरी भोजपुरी सांस्कृतिक बिकास खातिरा भोजपुरी भाषा के स्थानीय स्तर से रास्ट्रीय अवुरी रास्ट्रीय से अन्तरास्ट्रीय स्तर पर जनभाषा, राजनैतिक रूप, स्तरीय ब्यापारिक रूप, संचार माध्यम के भाषा, पत्र पत्रिका प्रकाशन के भाषा चाहे शैक्षिक भाषा के रूप देवे में लागे के पडल ।

भोजपुरी भाषी राजनेता, ब्यापारी बर्ग, शिक्षक गण, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, बिश्लेषक, डक्टर, इंजिनियर चाहे हर भोजपुरियन लोग से भोजपुरी में बोल के भोजपुरिया के परिचय दे के आपन आपन क्षेत्र से भोजपुरी भाषा के बिकास में निस्वार्थ सहयोग करे के बिनती करत बानी ।

साहित्यकार, गीतकार, संगीतकार चाहे लेखक लोग से भी बिनती करे के चाहेम की रउवा लोगन आपन ज्ञान के नव युवा पीढ़ी लोग में बाटल जाव ता की नव युवा लोग भोजपुरी भाषा बिकास के बीड़ा उठावे के सक्षम होखे लोग ।

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