The biggest Bhojpuri digital media of Nepal

मुक्तक : दिल

दिल

श्याम सर्राफ (राजा)

केहू कूछऊ कही, तू त बूझीय प्यार भईल बा
बीना कुछउ बोलले ही ई नैना चार भईल बा
गजब के हाल बा दिल के की कूछ बुझात नईखे
शक्ती त बा देहीया मे, माकिर दिल लाचार भईल बा !!

दर्द अईसन बा दिल के कि कवनों दवाई काम ना करे
रहे जे आपना से बढ करके उहे पईगाम ना धरे
सफाई दी सभे तोहे की तोहर प्यार सच्चा बा
उहे तोहराके पीटवाई सघें तहरा घरे जा के ।।

समुन्दर ह ई फीर भी सभे तईरे के चाहेला
केहू डूबूकी लगावेला केहू नीकल ना पावेला
ई दरीया ह मोहबत के की फीर भी नापेला सभे
केहू डूबके ना नीकले केहू नीकल ना पावेला ।।

भईल बदनाम बा एमे जे भी प्यार कईले बा
केहू घर छोड के भागल केहू घर मे सतईले बा
की अब तक ना केहू बाचल ना केहू बचईले बा
केहू थूना मे घेराईल केहू अस्तित्व मीटईले बा।।

केहू मरके भी ना मरल की ई अमर बनावेला
केहू जीयते भी ना जीयल ई जीयते मूवावेला
गज्जब के प्यार ह दीनरात के चैना उडावेला
की लौकी सोझा सब कूछ भी ना फीर कूछ दीखपावेला ।।

प्रतिकृया
Loading...