राष्ट्रकवि माधव प्रसाद घिमिरे के निधन

 राष्ट्रकवि माधव प्रसाद घिमिरे के निधन

राष्ट्रकवि माधव प्रसाद घिमिरे

काठमाण्डू, ०२ भादो ।

राष्ट्रकवि माधव प्रसाद घिमिरे के १०१ साल के उमर मे निधन भइल बा । मंगर के सांझिया ५ बज के ५५ मिनेट पर काठमाण्डू के लाजिमपाट मे रहल उनकर अपने घर मे घिमिरे के निधन भइल पारिवारिक श्रोत से मालूम भइल बा ।

उनकर जन्म वि. स. १९७६ कूवार ७ गते लमजुङ के पुस्तन गाँव मे भइल रहे । घिमिरे स्वच्छंदतावादी भावधारा आ परिष्कारवादी तरीका अपना के साहित्य सृजना करेवाला साहित्यकार के रूप मे परिचित रहले ।

रामविलास ( रचना १९९५) से खण्डकाव्य के यात्रा शुरू करत कवि घिमिरे के २०१५ मे प्रकाशित भइल गौरी खण्डकाव्य सब से चर्चित खण्डकाव्य रहल  ।

घिमिरे द्वारा लिखित ऋतम्भरा महाकाव्य उनकर अपूर्ण कृति ह । ओइसे ही पापिनी आमा (२०१७), राजेश्वरी (२०१७), राष्ट्रनिर्माता (२०२३), धर्तीमाता (२०३०) जईसन काव्यसंग्रह सब मालतीमङ्ग्ल्रे (२०३५), शकुन्तला (२०३३), हिमालवारी (२०५४) जईसन गीतिनाटक घिमिरे के जीवन्त राखेवाला साहित्यिक रचना हउवे ।

उनका के २०६० साल कूवार ७ गते तत्कालीन प्रधानमन्त्री सूर्य बहादुर थापा छन्द शिरोमणि के उपाधि से अभीनन्दन कईले रहले । ओकरा बाद उनका के राष्ट्रकवि के रूप मे अभीनन्दन कईल गइल रहे । श्रोत अनलाइनखबर

 

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