लकडाउन में आँख के समस्या आ समाधान

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डॉ. बि. डि. चौरसिया (आँखा रोग विशेषज्ञ)

भिन के ई लकडाउन के समय में सब लोग (खास कर के बच्चासब) टाइम पास करे के सबसे आसान साधन मोबाइल आ टीवी देखके दिन बिता रहल बा । घंटो घंटा मोबाइल भा टीवी देखाला के कारण बहुत किसिम के आँख के समस्या होखे के संभावना आ सकत बा जइसे –

  • आँख सूखा होखल
  • आँख में दरद होखल
  • आँख गड़े लागल जइसन बुझाइल
  • नियारा के अक्षर साफ ना लउकल आदि

जदी अपने के भा आपन बच्चा के आँख में अइसन कवनों समस्या ई लकडाउन के समय में जादा समय मोबाइल/टीवी देखला से आवत बा त अइसन समस्या से बचे खातिर चाहे कम करे खातिर बहुत किसिम के उपाय अपना सकत बानी ।

माकिर, जइसे अपने सब के मालूम बा की कवनों समस्या के समाधान करे खातिर ओकर कारण जानल जादा जरूरी हो खेला, ओइसही ई समस्या सब के मुख्य कारण अइसे रहल बा ।

  • बहुत समय तक लगातार मोबाइल/टीवी देखेके समय में हमनी के एकसुर से देखे नि सन जेकर कारण आँख के पपनी हिलावे के दर (blinking rate) कम हो जाला जवन की १२ से १६ प्रति मिनेट होखल ठीक हवे । एसे आँख के आंशु/पानी बने में समस्या उत्पन्न हो जाला जेकरा कारण आँख परपराइल आ कभीकाल आँख से जादा ही आंशु आवे लागे ला  ।
  • बहुत समय तक लगेसे मोबाइल/टीवी देखला पर आँख के भीतर के मांसपेशी थाकला से आँख दरद भा कभीकाल मुड़ी दर्द भी कर सकेला ।

अब अइसन समस्या से बचेके भा कम करे खातिर बहुत उपाय सब बा जमे से सबसे आसान आ बढ़िया उपाय सब अइसन रहल बा –

  • २० -२०-२० (बिस-बिस-बिस) के नियम इयाद राखी
  • जब भी जादा समय तक मोबाइल/टीवी भा आउर कवनों नियारा के काम जइसे की जादा समय तक किताब पढ़ाई/लिखाई करत बानी तब का करी की हरेक २० मिनेट में कवनों २० फिट के दूरी पर रहल चीज के २० सेकेंड तक देखल करी ।

ई नियम वैज्ञानिक अनुसंधान से पता लागल एकदम आसान नियम बा । एकर प्रमुख काम बा की लगातार काम करत बेर आँख के कुछ सेकेंड खातिर आराम देहला से आँख सूखा ना होई आ दर्द भी कम होई ।

  • नियमित रूप से आँख के पपनी हिलावत रहे के (झिमकावे के )
  • आँख के पपनी हिलवाला के दर (blinking rate) के ध्यान में राख़ के हरेक मिनट में कम्ति में १२ -१६ बेर आँख के पपनी हिलावत रहला से आँख में आंशु/पानी बनेके आ आँख के चारु ओर पानी फईल के आँख सुखा होखे से बचेला ।
  • मोबाइल/लैपटाप पर काम करत बेर भा कवनों किताब पढ़त बानी त भरसक बईठ के चलाई सूतके नादेखि भा नाचलाई ।
  • मोबाइल/लैपटाप से निकले वाला ब्लू लाइट (नीला किरण) में बहुत जादा ऊर्जा (high energy) के कारण खास कर के बच्चासब के आँख के रोशनी पर असर होखे के जादा संभावना रहेला ।

ओहि से आपन आँख आ आपन बच्चा के आँख के बचावे के खातिर ई बात के ध्यान में राखी आ अपने भी स्वस्थ रही आ आपन परिवार के भी स्वस्थ राखी ।

लेखक – डॉ. बि. डि. चौरसिया वीरगंज के नारायणी अस्पताल में आँख रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत बानी । वीरगंज महानगरपालिका के वार्ड नं-१६ नगवा के रहनियार डॉ. चौरसिया आँख रोग पर एम. डी. डिग्री के पढ़ाई धरान के वि.पि.कोइराला स्वास्थ प्रतिष्ठान कइले बानी ।

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