अशोक कुशवाहा

सिंगापुर के महान राजनेता ली क्वान यू के देहान्त २३ मार्च २०१५ के दिन ९१ बारिष के उमर में हो गईल । पुजिपंथी सोच राखेवाला यू सिंगापूर के बिश्व के गिनल चुनल बिकसित देश के पंक्ति में लिया के खड़ा कई देहेले । जब सिंगापुर के आजादी मिलल ओह समय में सिंगापुर हरेक दृष्टीकोण से कमजोर रहे । उ समय के सिंगापूर के प्रशासकीय राजनेता लोग सिंगापुर के मलेशिया में मिला के चले खतिरा राजी रहे लोग । काहे की सिंगापूर उ समय मे हरेक सामान खतिरा मलेसिया पर ही पूर्ण रूप से निर्भर रहे । पर मलेशिया सिंगापूर के अपना देश में बिलय करे से परहेज कई देलख । ओह समय में सिंगापूर में ना कौनो प्राकृतिक साधन श्रोत रहे ना ही देश आर्थिक रूप से मजबूत ही रहे । आज के आधुनिक सिंगापुर आयत निर्यात के दुनिया के सब से बड़का केंद्र बिंदु मानल जाला । सिंगापुर आज के युग में आर्थिक रूप से एतना बजबुत हो गईल बा जेकर सारा योगदान ली क्वान यू के हौउव । उनकर ३१ बारिस के कुशल पूंजिबादी रणनीति औरी निस्वार्थ बिचार धारा के कारण आज सिंगापूर स्वर्ग से सुन्दर औरी दुनिया के बिकसित देश में गिनल जाता ।

अईसन बात नईखे की ली क्वान यू के ऊपर सिंगापुर के जनता जनार्धन लोग अन्गुरी ना उठैले होखे । मानव जात ही अईसन ह की पीछा में भगवान् के भी ना छोडेले त ली क्वान यू कौन खेत के मुरई हाउवन । ली क्वान यू भी नाताबाद औरी कृप्याबाद सोच के रहले । आज भी उनकर जे भी नातेदार बा लोग सिंगापूर के उच्च कोटि के हाकिम बा लोग । उनकर बेटा लि सिएन लुंग अभी सिंगापूर के बर्तमान प्रधानमंत्री बाड़े । पर ली क्वान यू के सोच देश प्रति के बाफदारी औरी देश बिकाश के निस्वार्थी भावना के आगे ली उनकर नाताबादी स्वार्थी सोच फीका बा ।
आज भी सिंगापूर के प्रहरी प्रशासन दुनिया में ईमानदारिता के खम्बा गडले बा । सिंगापूर में भ्रस्टाचार, घूसखोरी औरी आपराध ना के बराबर मिली रउवा । ली क्वान यू सिंगापुर के बिकास के अईसन चोटी पर पहुचादेहलन की आज सिंगापूर में कही भी गरीबी, भोखमारी चाहे लाचारी देखे के ना मिले ला । सिंगापुर के आर्थिक बिकास, देश बिकास, नैतिक बिकास चाहे कौनो किसिम के बिकास होखे सारा के योगदान ली क्वान यू के देन हाउवे ।
हमनी के देश नेपाल के राजनेता लोग खातिर ली क्वान यू एगो बहुते बढ़िया उदाहरन हाउवन । नेता लोग के ली क्वान यू के राजनीती बिचार धारा से कुछ सीखे के चाही । नेपाल त प्राकृतिक श्रोत औरी साधन सब कुछ से भरपूर होते हुवे भी नेपाल देश के आज अईसन हालत बा की हर चीज खातिर नेपाल के दोसरा देश के आसरा करे के पड़ेला । गाव में बढ़वा पुरनिया लोग सहिये कहे ला लोग की जवना मठ में ढेर साधू हो जाले त उ मठ उजड़ जाला । एगो अकेला ली क्वान यू सिंगापूर के नरक से स्वर्ग बाना देहेलन पर नेपाल में एतना नेता लोग मोथा के जईसन उबजल लोग की स्वर्ग से नरक बाना दिहलख लोग । 

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