वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हरींद्र हिमकर “सर सैयद साहित्य सम्मान” से सम्मानित

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    वीरगंज, १७ अगहन ।

    डा। हरीन्द्र हिमकर

    प्रसिद्ध भोजपुरी खंडकाव्य “रमबोला” के लेखक आ के सी टी सी कॉलेज, रक्सउल के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. हरींद्र हिमकर के भोजपुरी आ हिन्दी साहित्य में विशिष्ट सेवा हेतु “सर सैयद साहित्य सम्मान-२०१९” से सम्मानित कइल गइल।

    डॉ. हिमकर बितल ४० साल से अनवरत भोजपुरी आ हिन्दी साहित्य के सेवा करत आ रहल बानी । आपन अथक अनवरत साहित्यिक प्रयास से भोजपुरी आ हिन्दी साहित्य के माटी के समृद्ध करत आ रहल डॉ. हरींद्र हिमकर के सर सैयद वेलफेयर सोसाइटी पूर्वी चम्पारण के तत्वावधान में २०७६ अगहन १४ गते सनीचर के दिन मोतिहारी में आयोजित अखिल भारतीय मुशायरा-सह-कवि सम्मेलन के अवसर पर भोजपुरी एवं हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान खातिर २०१९ के “सर सैयद साहित्य सम्मान” प्रदान कइल गइल।

    भोजपुरी आ हिन्दी के कवि, गीतकार, सोध निदेसक, प्रखर वक्ता आ सिक्षाविद डॉ. हिमकर के जलम पूर्वी चम्पारण के सिसवा पटना गांव में भइल रहे। बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के अधीन ४० साल तक सिक्षण सेवा से जुड़ल डॉ. हिमकर भोजपुरी आ हिन्दी साहित्य में एगो सुपरिचित नाम बा ।

    बता दीं कि गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर लिखल हुनकर खंडकाव्य “रमबोला” मगध तथा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यायल के पाठ्यक्रम में सामिल बा ।

    भारत-नेपाल के साँझा संस्कृति आ समरसता के पोषक एगो समर्पित समाजसेवी डॉ. हिमकर के ई सम्मान मिलला से पूर्वी चम्पारण के हुनकर गाँव सिसवा पटना के संगे-संगे हुनकर निवास रक्सउल आ समूचा भारत-नेपाल के सीमांचल में खुशी के लहर बा।

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