वर्षात में देशव्यापी रूप में बढ रहल डेंगु के प्रकोप आ रोकथाम (विस्तार में )

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डॉ. अमरेश कुमार यादव
( एम. बी. बी. एस. )
इन्दिरा कुमारी यादव
( बी. पी. एच. )

कुछही दिन पहिले के बात ह, हम आ परिवार रात के खाना खात रनि सs । ओतने मेंं परिवार के मोबाइल मेंं भरतपुर(चितवन)के घर पट्टि दिदी के फोन आइल, परिवार फोन उठइला के कुछ ही देर के बातचित के बाद घर पट्टि दिदी रोए लगली, मोबाइल के एस्पिकर अवन रहे हम भी सुनत रही ।

परिवार बेर-बेर पुछत रहली कि दिदी का भइल, काहे रोवत बानी कुछ देर के रोवाई के बाद दिदी बतवनी कि हमरा बेटवा के डेंगू होगइल बा, होस्पिटल मेंं भर्ना बा । इहाँ के डाक्टरसाहेब कहत रहनी कि डेंगू खतरनाक होखेला, मोच्छड़ के काटला से भइल बा । का जानि दुनिया संसार मेंं ओ मोच्छड़वा के हमरे बेटवा मिलल का ? बापे-ददे ना सुनल बेमारी(डेंगू) लाग गइल हमर बेटवा के । एतना कहते- कहते फेर रोए के शुरू कर दिहली, परिवार बहुत देरतक दिदी के डेंगू के बारे मेंं समझवली ।

समझवला के बाद दिदी सुसुकत कहनी कि डाक्टर बबुवा ना बानी का, उनका से भी राय सल्लाह करेके बा, हमरा त बड़ी चिन्ता पकड़ले बा । ओकरा बाद हमरा से भी बात भइल, हम भी डेंगू के बारे मेंं समझवनी । दुनु आदमी के बारी-बारी समझवला के वाद दिदी पूर्ण रूप से डेंगू के बारे मेंं जनकार होके, कुछ अब धिरज भइल कहत फोन रख देनी ।

ओकरा एक हप्ता बाद हमनी दिदी के फोन कइनी त जनकारी मिलल कि बबुवा के सामान्य उपचार के बाद डिस्चार्ज होके घरे चल आइल बा । ई घटना के लेके हमनी दुनु आदमी मानशिकता बना लेले रहनि कि मौका मिलते डेंगू पर हमनी जनचेतना मूलक लेख लिखल जाई, आजु प्रस्तुत बा ।

डेंगू का ह ?

डेंगू सिन्ड्रोम ह, जवन एडिज इजिप्टी नामक स्त्री मोच्छड़ कटला से फ्लैबी भीरीडी परिवार के डेंगू (अरबो) भाइरस आदमी के शरीर में प्रवेश कइला से होला । डेंगू सिन्ड्रोम के गम्भीरता के देख के तीन प्रकार में वर्गीकरण कइल बा ।
१. डेंगू बोखार (हड्डीतोड़ बोखार)
२. डेंगू रक्तस्रावी बोखार
३. डेंगू बदहोसी बोखार

डेंगू सिन्ड्रोम के लक्षण का-का होला ?

१. डेंगू बोखार (हड्डीतोड़ बोखार ) के लक्षण सब :-

◆अचानक कप-कपी वाला कड़ा बोखार (१०२°f-१०४°f) शुरू होनाई ।
◆ संघे -संघे कड़ा मुड़ी दुखाई, आँख के गेडि में चलइला पर आ दबला पर दर्द, आ अजोत में देखे में दिक्कत ।
◆ शरीर के माशपेशी आ हाड़-जोर्नी में दर्द औरी चलेफिरे में दिक्कत, ओहिसे ए बोखार के हड्डीतोड़ बोखार भी कहल जाला ।
◆ कमजोरी, खाना के स्वाद महसूस ना होनाई, खाए के मन ना करनाई, कब्जियत ।
◆ पेट के दहिना भाग में आ जांघ के निचा दर्द होनाई ।
◆ मुहमें घाव होनाई ।
◆ मन ब्याकुल होनाई ।
◆ लाल-लाल दाग देह में लउकाई ।

२. डेंगू रक्तस्रावी बोखार के लक्षण सब :-

डेंगू भाइरस चार प्रजाति के होला DEN-1,DEN-2,DEN-3 आ DEN -4 ।
ए चारु प्रजाति में से एके बेर में एगो से ज्यादा प्रजाति से संक्रमण भइला से अथवा दु बेर में दुगो अलग-अलग प्रजाति से संक्रमण भइला से अधिक रक्तस्राव होके डेंगू रक्तस्रावी बोखार होला ।
◆लाल-लाल चकटा अपने से होनाई अथवा कुछो से तइको देर दबला पर होजानाई ।
◆ नाक,कान अथवा शरीर के कवनो अंग से रक्तस्राव होनाई ।
◆ नाडी के गति में कमि अनाई ।
◆ रक्तकेचापमें कमी अनाई ।

३. डेंगू बदहोसी बोखार के लक्षण सब:-

अत्यधिक रक्तस्राव होखला से मरीज के हात-गोड़ ठण्डा होखे के संघे संघे मरीज बेहोस होजाला ।

डेंगू सिन्ड्रोम पता लगावे खातिर उपलब्ध तरिका आ जांच सब का-का ह ?

लक्षणके अधार पर ।
◆ टर्निकवेट टेस्ट:-
ई  क्लिनिकल जांच के तरिका ह जवना में ५ मिनट तक रक्तचाप जांच करे वाला कफ कड़ा करके ( सिस्टोलिक आ डायस्टोलिक के बिचके चाप पर) बनला पर एक स्कवार इन्च में २० गो से ज्यादा चकटा होई ।
■ खूनके जांच
◆ प्लेटलेट के मात्रा कम होजाई (१ लाख से कम)
◆ हेमाटोक्रीट में २०% से बढोतरी होई ।
◆ ५ दिन के भितर में आइला पर डेंगू भाइसर खून मेंसे कलचर कर के पता लगवल जाई ।
◆ ५ दिनके बाद में किट के मदत से इम्मुनोग्लोबिन के जांच कर के नयाँँ/पुराण संक्रमण पता लगावल जाई।

डेंगू खास करके कवना के होला ?

डेंगू सिन्ड्रोम स्त्री ,पुरुष, वृद्ध आ बच्चा सब में बराबर संक्रमण देखल गइल बा । बच्चा में संक्रमण के गम्भीरता कम देखल गइल बा माकिर मृत्युदर अगर बच्चा में देखल जाव त सगयान से दोबर होला ।

काहे डेंगू सिन्ड्रोम ज्यादा करके शहरी क्षेत्र आ वर्षात में ज्यादा होला ?

■ शहरी क्षेत्र में ज्यादा होखे के करण सब:-

◆ तीब्र गति में जनसंख्या वृद्धि ।
◆ अव्यवस्थित बसोबास ।
◆ कृतिम (सफा) जमल पानी में एडीज इजिप्टी मोच्छड़ के संख्या बढोतरी ज्यादा होला, अइसन पानी जमेंवाला शहर बाजार में ज्यादा होला । जेमें गमला के पानी, रिफ़्रीजरेटर के पानी ,खुला टंकी ,गैरेज के टायर में जमल पानी , विभिन्न कम्पनी में जमल पानी ।
◆ शहरी क्षेत्र में विभिन्न देश, विदेश से मालसमान आ गाडी आवत जावत भइला के करण ।

■ वर्षात में ज्यादा होखे के कारण सब :-

असाढ़ से लेके कुवार तक वर्षात में शहरी क्षेत्र में काम ना लागेवाला खालि चीज बहुत रहेला जवना में वर्षा के पानी भरके मोच्छड़ के संख्या में बढोतरी होए में असानि करदेवेला ।

काहे एकबेर डेंगू बोखार भइल आदमी के दोसरका संक्रमण ज्यादा घातक हो सकेला ?

एकबेर डेंगू भइल आदमी के पुनः डेंगू संक्रमण ना होखे कहके पूर्ण रूप से सतर्क रहे के चाहीं काहेकि डेंगू भाइरस के चार गो (DEN-1,DEN-2,DEN-3 & DEN-4) प्रजाति होला । एकबेर के संक्रमण में एगो प्रजाति से आदमी रोगप्रतिरोधक क्षमता बनालेवेला माकिर दोसर प्रजाति के विरुद्ध ऊ क्षमता ना बचावेला आ देखल गइल बा कि औरी ज्यादा रक्तस्राव करावेला यानि कि डेंगू रक्तस्रावी बोखार अथवा डेंगू बदहोसी बोखार होखे के ज्यादा डर रहेला ।

डेंगू के लक्षण देखला पर ध्यान देवे वाला बात सब का-का ह ?

◆ जल्दी से डाक्टर के सम्पर्क कर के सल्लाह अनुसार पूर्ण परीक्षण करावे के चाहीं ।
◆ डेंगू सिन्ड्रोम के गम्भीरता अनुसार अस्पताल में भर्ना अथवा डाक्टर के निगरानी में रहेके चाहीं ।
◆ पूर्ण अराम करेके चाहीं ।
◆ पहिले से ज्यादा नरम पनियाह आ पुर्नजलीय पानी (पानी, नुन आ चिनी) पिए के चाहीं ।

डेंगू के इलाज के तरिका सब का-का होला ?

◆ अभीतक ले कवनो दवा उपलब्ध नइखे ।
◆ रोगी के लक्षण अनुसार के उपचार कइल जाला, जइसे में :-

.  बोखार, कपरबथ्थी, मास आ जोर्नी दुखाई खातिर सिटामोल खा सकेला रोगी ।
. बाकिर एस्प्रिन, आइब्रुफेन, नेप्रोक्सिन जइसन दवा भूल के भी ना खाएके चाहीं, ई दवा सब रतस्राव बढा देवेला ।
. शरीर में पानी के मात्रा पुरा करेला रिगरलेक्टेट गम्भीरता अनुसार डाक्टर के निगरानी में अस्पताल में चढावल जाई ।
. गम्भीरता अनुसार प्लेटलेट्स अथवा पूर्ण ब्लड डाक्टर के सल्लाह अनुसार निगरानी में चढावाल जाई ।
. बहुत गम्भीर अवस्था भइला प आई.सी.यू. में भी राखेके जरुरी पर सकेला ।

डेंगू से बचे के प्रमुख उपाय सब का-का होला ?

◆अभीतक कवनो भ्याकसिन उपलब्ध नइखे ।
◆ डेंगू भाइरस जब रही त एडीज इजिप्टी जात के मोच्छड़ में ना त आदमी में । आदमी में रही त डेंगू सिन्ड्रोम कराई यानि कि डेंगू सिन्ड्रोम लागल आदमी के नयाँ मोच्छड़ से ना काटे देहल जॉव तब मोच्छड़ के संक्रमण रोकल जा सकेला । देखल जाव त एडीज मोच्छड़ अपन बच्चा मोच्छड़ में डेंगू भाइरस सारल कमें देखल गइल बा ।
◆ सामूहिक प्रयास करी कि अपन घर, टोल, शहर आसपास पानी ना जमें दि आ जमल बा त बिषादि के प्रयोग करी ।
◆ रात होखे भा दिन मोच्छड़ के ना काटे दि सावधनी अपनाई जइसे में:-

. मोच्छड़दानि ।
. मोच्छड़ भगावेवाला केमिकल, कोवयल, बैट, क्रीम के प्रयोग करी।
. पूरा शरीर ढंकेवाला कपडा पहनि ।

◆ डेंगू के बारे में जनचेतना फैलाई ।

कइसन होला एडीज इजिप्टी मोच्छड़ ?

एकरा बारेमें जानकारी राखेवाला प्रमुख बात सब ।
◆ एडीज इजिप्टी जाती के स्त्री मोच्छड़ के कटला से डेंगू, जिका, चिकेनगुनिया, मायारो आ एलोफिभर जइसन भयानक संक्रमण हो सकेला ।
◆ ए मोच्छड़ के देह आ गोर पर करिया प उजर बैंड तरिका के दाग भइला से एके बाघवा मोच्छड़ भी कहल जाला ।
◆ ई मोच्छड़ अधिकतर दिन आ बादल लागल मौसम में काटेला ।
◆ ई मोच्छड़ आवाज ना निकालेला ।
◆ ई मोच्छड़ कृतिम (सफा) जमल पानी में सन्तान जन्मवेला ।
◆ ई मोच्छड़ संक्रमित आदमी के काट के अपना में डेंगू भाइरस एक बेर लेआइला पर ई भाइरस मोच्छड़ के जिन्दगी भर रहेला ।
◆ ई मोच्छड़ के जिन्दगी २-४ हप्ता के होला ।
◆ ई मोच्छड़ के अण्डा सुखा हालत में एक वर्ष तक बाच सकेला । पानी मिलते मोच्छड़ के रूप लेलेवेला ।

सुझाव :-

डेंगू संक्रमण के लक्षण अपना में भा दोसर केहु में देखला पर जल्दी से जल्दी पूर्ण परीक्षण करा के डाक्टर के निगरानी में रही आ रहेला सल्लाह दी । डेंगू संक्रमण घातक भइला से बची आ बचाई ।

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