समीक्षा : ‘भोजपुरी सांगीतिक साँझ’ के आयोजन पश्चात आईल प्रतिकृया के विश्लेषण

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शिव सन्देश

भोजपुरी साहित्य तथा सांस्कृति से भरल एक समृद्ध भाषा बा । भोजपुरी मुख्य रूप से नेपाल के मधेश के मध्य भाग में, भारत के उत्तर प्रदेश, बिहार आ कलकत्ता, मारिशस, फिजी, ट्रिनीडाड, केनिया, नैरोबी, ब्रिटिश गायना, पाकिस्तान, दक्खिन अफ्रीका अब बर्मा लगायत विश्व के बहुत देश मे बोलल जाला । भोजपुरी साहित्य में अइसन सगरी साहित्य के रखल जाला जवन भोजपुरी भाषा में रचल गइल बाटे । गोरखनाथ, कबीरदास आ दरिया साहेब नियर संत लोगन के बानी से सुरुआत हो के भिखारी ठाकुर आ राहुल बाबा के रचना से होत भोजपुरी साहित्य के बिकास आज कबिता, कहानी, उपन्यास आ ब्लाँग लेखन ले पहुँच गइल बाटे ।

भोजपुरी भाषा में बने वाला फिलिम के इतिहास भी बहुत पुराना बा । विश्वनाथ शाहाबादी के सन १९६३ मे बनल गंगा मइया तोहें पियरी से लेक अस्सी के दशक में बलन फिलिम बिटिया भइल सयान, चंदवा के ताके चकोर, हमार भौजी, गंगा किनारे मोरा गाँव लगायत चर्चित फिलिम सव बनल रहे । भोजपुरी भाषा में बनेवाला फिलिम आ गीत संगीत के प्रेमी लोग पहिले भी रहे आ अभी भी बा ।

भोजपुरी भाषा, साहित्य तथा गीत संगीत के संरक्षण खातिर “नेपाल भोजपुरी समाज” के आयोजना में बीरगंज आदर्शनगर के ग्रीन सिटी एरिया में खुल्ला रोड सो के रुप मे भइल “भोजपुरी सागीतिक साँझ” कार्यक्रम भइल । नेपाल भोजपुरी समाज के अध्यक्ष रामदेव प्रसाद श्रीवास्तव के अध्यक्षता मे भईल कार्यक्रम में नेपाल भोजपुरी समाज के उपाध्यक्ष समेत रहल स्थानिय कलाकार ध्रुव सिंह ठकुरी, सचिव रितु राज पटेल, सह सचिव अजमत अली अंसारी, नेक महमद, बिभा मेहता, निरज अचार्य द्वारा गित–संगित प्रस्तुती कइल गइल रहे ।

उ गीतन के गीतकार में डा. हरिन्द्र हिमकर, पं दिपनारायण मिश्र, शिव संदेश, रितु राज, ध्रूव सिंह ठकुरी आ अजमत अली रहलन । भोजपुरी गित संगीत अश्लीलता तर्फ बढत जा रहल सिकायत हो रहल के समय मे वीरगंज के आदर्शनगर मे भइल कार्जक्रम मे स्थानिय कलाकार सब द्वारा खुद से बनावल, लिखल गइल मौलिक संगीत के प्रस्तुत कईल गईल रहे जेकरा के दर्शक लोग खुब मन परइले रहे । ई कार्यक्रम के लाइभ प्रशारण “आपन बीरगंज” मे कइल गइल रहे । जवना के माध्यम से संसार भर से लोग ई कार्यक्रम देख के खुशी तथा प्रतिक्रिया पठइले बा, जवना के अवस्था कुछ अइसन देखल गइल ।

दर्शक के प्रतिक्रिया के लेखाजोखा

ई भिडियो, प्रशारण भइला के एक हप्ता के भितर में करीब ७० हजार लोग के बीच पँहुचल बा, करीव २५ हजार लोग देखले बा, २५२ गो लोग सेयर कइल बा, ६५६ गो लोग बिभिन्न किसिम से टिप्पनी पठइले बा, आ करीब ४ हजार लोग बिभिन्न किसिम से प्रतिक्रिया जनइले बा । जवन ई कह रहल बा कि भोजपुरी गीत संगीत से प्रेम करेवाला लोग अनलाइन मिडिया के पहुँच में बा आ सक्रिय भी बा ।

भिडियो मे सहभागिता के लेखाजोखा ।

उपर देहल फोटो से ई पता चल रहल बा कि यी भोजपुरी साँगीतिक साँझ कार्यक्रम के भिडियो के तुरन्ते प्रतिक्रिया करेवाला, टिप्पनी करेवाला तथा सेयरवाला लोग बेशी देखल गइल बा । जवना मे से प्रतिक्रिया करेवाला के संख्या सव से ज्यादा बा ।

दर्शक के उमेर के लेखाजोखा ।

ई भिडियो, प्रशारण भइला के एक हप्ता के भितर में करीब ९२ प्रतिशत नर आ ८ प्रतिशत नारी लोग के सहभागिता देखल गइल । जवना ई बता रहल बा कि नारी के तुलना मे नर लोग के भोजपुरी गीत संगीत के प्रति चाहता आ सहभागिता बहुत बेशी बा अथवा नर के तुलना मे नारी लोग के मिडिया मे पहुँत बहुत कम बा ।

भोजपुरी गीत संगीत के रुचि राखेवाला लोग मे से १३ बरिस से ६५ बरिस के लोग भी बा, जवना मे २५ बरिस से ३४ बरिस के लोग के संख्या करीब ४२ प्रतिशत बा, १८ से २४ बरिस के संख्या करीब २८ प्रतिशत बा आ ३५ बरिस से ४४ बरिस के संख्या करीब १३ प्रतिशत बा । जवन ई बता रहल बा कि भोजपुरी गीत संगीत के दर्शक लोग मे २५ बरिस से ३४ बरिस के लोग के संख्या बेशी बा ।

ठाँव अनुसार दर्शक के लेखाजोखा ।

ई भिडियो, प्रशारण भइला के एक हप्ता के भितर में करीब २२ दर्शक नेपाल के नारायणी अंचल से, ११ प्रतिशत दर्शक मलेशिया के जोहर शहर से, ९ प्रतिशत नेपाल के बागमति अंचल से, ७ प्रतिशत लोग मलेशिया के सलेन्गर शहर तथा संसार के बहुत शहर जइसे कि दोहा, विहार, क्वालम्बपुर, परेक आ पेनांग के दर्शक भी सहभागी जनइले बा । जवना में नेपाल के नारायणी आ बागमति अंचल तथा मलेशिया के जोहर शहर के लोग के भोजपुरी गीत संगीत प्रति के प्रेम आ सहभागिता बेशी देखल गइल बा ।

उपर कइल विश्लेषन के अनुसार भोजपुरी भाषा, साहित्य के समाज मे परोसे के माध्यम के रुप में गीत संगीत एगो महत्वपुर्ण आ प्रभावकारी माध्यम बा । गीत संगीत के अनलाइन माध्यम तथा समाजिक संजाल के माध्यम से समाज में परोसला से दर्शक तथा श्रोता के सहभागिता, प्रतिक्रिया आ भाषा के फैलावट में बढोतरी होला । सभ्य तथा मौलिक भोजपुरी गीत संगीत के पारखी लोग के संख्या बहुत बेशी बा । भोजपुरी गीत संगीत के प्रेमी लोग खाली नेपाल आ भारत ना बल्की मलेशिया, दुबई, कतार आ अमेरिका लगायत के अनेकन देश में बा । भोजपुरी गीत संगीत मे सहभागिता जवावेवाला में १८ से ३४ बरिस के लोग बेशी बा ।

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