सीरिसिया नदी प्रदूषित कर रहल उधोगन सहित महानगरपालिका उपर अधिवक्ता कुर्मी कईले मुकदमा

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वीरगंज, ११ कातिक ।

बहुते मसकत के बाद बिरगंज के अमृत के रूप मे रहल सीरिसिया नदी के बचावे के खातिर नदी के फूहर बना रहल क़हत सामाजिक अभियन्ता आ अधिवक्ता सुरेन्द्र कुर्मी विरगंज महानगरपालिका समेत ११ गो उधोग के उपर पर्सा जिल्ला आदालत मे मुकदमा कईले बाड़े ।

सार्वजनिक सरोकार के बिषय भईला से आ अभी कानून मे ब्यावस्था रहल प्रक्रिया के अपनावत मुद्दा कईले अधिवाक्ता कुर्मी के कहनाम बा । सुशील बनस्पति प्रा लि , स्टेंडर लेदर, मरियम लेदर, नेशनल लेदर, नेपाल लेदर, ग्लोबल लेदर, निम्स प्रा लि, अरनिका प्रोसेसिंग, अंकिता टेक्सटाइल, कन्साई नेरोलेक पेंट्स कर के ११ गो प्रतिवादी उपर सुक के दिने पर्सा जिल्ला अदालत मे मुकदमा कईले ।

पहिले के मुलुकी एन मे यी अधिकार ना रहे माकिर अभिन के मुलुकी अपराध संहिता एन २०७४ दफा १११ के ब्यावस्था अनुसार मुकदमा भईल वादी अधिवक्ता कुर्मी बतवले । पिएवाला पानी छोड़ के दोसर काम खातिर उपयोग होखेवाला पानी दूषित कारेवाला के ६ महिना कैद आ ५ हजार रुपेया हरजाना देवे के ब्यावस्था भईला से सीरिसिया नदी के प्रदूषणमुक्त बनावे खातिर उ यी प्रयास कईले अधिवक्ता कुर्मी के कहनाम बा ।

अतिक्रमण आ दुर्गन्ध के चपेटा मे पर के नदी के अस्तित्व ही खतम हो रहल सीरिसिया नदी के पुनर्जीवन के खातिर कानूनी इलाज सहित नदी के सफाई अभियान आ अतिक्रमण हटा के उच्च स्तर के पर्यटकीय जगह आ दुनु ओरिया पृक्षारोपण समेत के सड़क निर्माण खातिर आगा बढ़े के परी कुर्मी कहले ।

गौरवमय वीरगंज निरमान के खातिर यी नदी के उदार आ सफाई बहुते जरूरी बा उनकर शर्त बा । कुछ उधोगन आ कुछ निकाय आपन स्वार्थ आ लाभ के कारण यी नदी के अस्तित्व ही खतम हो रहल बा आ अमृत जईसन नदी के पानी जहर मे परिणित भईल सब कोई के मालुमे बा । 

दायर फिराद पत्र मे वीरगंज महानगरपालिका के लापरवाही, संबन्धित उधोगन के केमिकलयुक्त दूषित पानी, चामड़ा, केस जईसन रसायनयुक्त पानी नदी मे बहवावला के कारण उधोगन उपर मुकदमा कईल गईल उनकर कहनाम बा । छठ परब तक नदी के पानी दूषित ना करे के प्रमुख जिल्ला अधिकारी लोकनाथ पौड्याल नदी के अगल बगल संचालित उधोगन के निर्देशन देहले बाड़े ।
सुक के दिने भईल प्रजीआ आ उधोगी लोग के बईठक मे सीरिसिया नदी सफाई आ प्रदूषणमुक्त बनावे खातिर दु किसिम के उपाय के बारे मे बतकही भईल । प्रजीअ कहले एगो अल्पकालीन आ दोसर दीर्घकालीन, अल्पकालीन मे कातिक १८ गाते से छठ के बिहान २८ गते तक दूषित पानी नदी मे ना फेके के, दीर्घकालीन मे वातावरण प्रदूषण के सवाल मे उधोग मापदण्ड पूरा कईलख , ना कईलख ओकरा बारे मे संबन्धित निकाय आ प्रहरी प्रशासन अनुगमन कर के बतकही के माध्यम से समस्या के समाधान करे के निर्णय कईल गईल । श्रोत प्रतीक दैनिक

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