The biggest Bhojpuri digital media of Nepal

हमरो सुन ल बात !

हमरो सुन ल बात !

गोपाल कुमार यादव

डभकत पानी मे उसिनल हम इंसान,
गारी खात हेपात भइनी आज स्यान,
बाडका बात कके देखाव तु खुब सान,
के सुने हमार दुख, बुलबुली से बानी हैरान,

हमरे उपजावल खात बाड धान पिसान,
का इज्जत बा इहाँ बेकारमे भइनी किसान,
भोट माँगे आवेके वारी बडका बडका ब्यान,
जितलाके वाद के पुछे;नाही केकरो ध्यान

ना रहित सुरुज;त ना थाह होइत चान,
फोकट मे जान लेके केतना दिन मरब तान,
आदमी के चलते आदमी भइल परेसान,
ना सुधरी ठाव हमर भइल जियान,

हंसीह बाद मे ध्यान से सुन ल खोल के कान,
चिउटी के मार के ना केहु काहाला बलवान,
ना सहेम अब, केतनो परी सिना पर बान,
चली बनाइ देश के महान; उठी सब जवान ॥

गोपाल कुमार यादव,
एम.बि.बि.एस, बि.पी.के.आइ.एच.स धरान

 

प्रतिकृया
Loading...