हम नेता ना बनेम….

अशोक कुशवाहा

एक रात के बात ह हामारा औउरि श्रीमति जि मे चुनाव के बात चलत रहल । हम मजाक मजाक मे हि कहनी उनकारा से कि श्रीमति जि देश मे चुनाव आरहल बा काहेना तु भि राष्ट्रपति के उमेदवारी द । राष्ट्रपति बन जईह त हमनि के सारा दु:ख दुर हो जाइ ।

श्रीमति जि हामारा के कहे लगली कि सल्लाह त अपने के बहुत बढिया बा पर का काहि अपने से कि राष्ट्रपति बन ला से कौनो फायदा नईखे हामारा बिचार मे। सब से पहिले त अपने के श्रीमति से हम राष्ट्रपति हो जायेम त आपने के हामारा के श्रीमति के जगह पति कहे के पडी । वइसे त राजनिति बहुत बढिया काम ह । देश के सेवा कइल बहुत बड्का काम ह । पर इहा के राजनिति के सामाचार सुनसुन के एगो हामारा राजनिति के लाइन याद आ जाला की अङ्ग्रेजि मे पोलिटिक्स के अर्थ लैटिन भासा मे का होला । पोलि के मतलब बहुति आउरि टिक्स के मतलब खुन चुसेवाला जिव होला । हामारा इहा के राजनिती आउरि लैटिन भासा के पोलिटिक्स शब्द के अर्थ मे कऔनो अन्तर नजर ना आवता । सायद नेता जि लोग के आवात होखे ।

हामारा नजर मे एगो मुरघटि के रखवार मे आउरि देश के नेता लोग मे हामरा काऔनो फरक नाइखे देखाई देत । हम पुच्छनी काइसे? उ मुस्कुरा के जाबब देहलि कि अपने लाइकाई मे राजा हरिशच्नद्र जि के टि।भि । कर्यक्रम देख्ले होखेम । राजा हरिशच्नद्र जि मुरघटि के रखवार रहले उन्करा निगरानी मे सयौ मुर्दा उ मुरघटि मे सुताल रहसन पर राजा हरिशच्नद्र दिन भर चाहे रात भर कुछो बोलस आ चाहे करस ना ता कभी उ मुरदा लोग उनकर बात सुने लोग ना त उनकर कुछ कहल करेसन ।

राष्ट्रपति त पक्का ना…….

राष्ट्रपति एगो आइसन जगह ह जहा कोइ भि सिधा सधा, इमन्दार औरि पढल लिखाल आदमि के एगो पढल लिखल मुर्ख बना के बइठावल जाला । औरि ओइसन आदमी के राष्ट्रपति बनावला के एके गो आर्थ का रहेला की अगर खुदा न खास्ता देश मे कौनो भि किसिम के सन्कट आ गाइल त सब कोई मिल के उन्कारा के पेट भर गरियावे लोग औरि जेतना भि देश के नोक्सान होखे सारा उन्कारा उपार थोपा जाये । उ बिचारा गाई के जाइसान सिधा,साधा, इमान्दार, पढल लिखल मुर्ख बन के साब चुप चाप सुनस और देखस औरि कठपुतली के जाइसन माटी के मुरत बनके खडियाइल रहस । इहा अइसन के अवस्था होला कि आदमी के हात गोड मे हथकडी लगा के आपने ओकरा से काम कारेके कही ।

अपने से कौनो बात त छुपल नाइखे आपने हि ना सारा जानता के मालुम बा कि आज के समय मे देखेम त हमनी के देश के राजनिति नेता जि लोग खातिर बहुत बढिय उब्जाउ जामिन हो गइल बा । जाहा देश खातिर जोकर आउरि गुण्डा लोग उब्ज रहल बा लोग । सयाद जन्ता जनार्धान लोग मे कोइ नेता बने के लायक नैखे ओहिसे ह सायाद आज काल जेतना भि देश के गुण्डा लोगके अपन अपन शरण कोइ न कोई पर्टि मे जरुर ले लेले बा लोग । नेता जि लोग लागे भि काम नइखे अपन स्वर्थ खतिर बकायदा फुल माला पहिरा के टिका लगा के पर्टि के सदस्य बनावत बाटे लोग देश के भबिस्य के का होइ आपने एहिसे अनुमान लागाइ ।

आपने कौनो भि पुराना या नाया आखबार उठा के पढ ली औरि ओकार कर्टुन देखली । ओहिसे हम देश के उच्च कोटि के जोकरनि चाहे गुण्डैइनी नाइखि बाने के चाहत ।अगर कौनो टि.भी. चैनल पर कौनो नेता जि लोग के भसण आवात रहेला आउरि दोसर चैनल पर अगर कमेडी सर्कस आवात रहेला ता हम कमेडी सर्कस देखल पसन्द करेनी सयाद हामारा जाइसान बहुते लोग करत होइ लोग । सायद हि देश के काउनो रेडियो, टि.भी. या फिल्म इन्ड्स्ट्रिज येतना जोकर या गुण्डा पैदा कैले होखे ।

आपन देश के एहमे काउनो दोश नैखे काहे कि हम मानेनी आपना देश के पन्चान्ह्बे प्रतिसत जनता बहुत मिहिनेति बा औरि जहा भी बा अपन रोजि रोटि कमाये मे लागल बा । अपन घर परिवार चालावे खातिर दुर बिदेश मे जाके कठिन से कठिन काम खतिर आपन बहुमुल्य पसिना दुर देश मे चुववता । बकि पान्च प्रतिसत जे बा लोग साधारण निमुखा जनता के जइसे भी बेवकुफ बनावे खातिर जोर तोर से प्रचार प्रसार मे लागल बा लोग । आउरि हमनी के जानते हुवे भी उ लोग के अपान नेता मान के चुनाव मे जितवेनिसन । येहि से ना हामारा ना नेता बनेके बा ना हि राष्ट्रपति । अपने ता अङ्रेजि पढल बानि हम एगो अङ्रेजि किताब मे बहुत बढिय प्रश्न पढले रहनी सयाद एकर अपने लगे जाबब होखे । लिखल रहे अगर अङ्रेजी मे प्रोस के अपोजिट कन होला ता प्रोग्रेस के अपोजिट का होला? हम जानत बानि आपने के एकर उतर मलुम बा पर ना बतायेएम । अपने के त उतर मलुम होते हुवे भि नइखि बता सकत ठिक वैसे हि अभिन के देश के स्थिती बा सब कोइ मिलि त कुछ ना कुछ जरुर हल निकल जाइ पर कोइ चह्ते नेइखे करे के ता का होइ देश मे । अगर इ स्थिती मे अगर देश के सहिद लोग जिन्दा होखे के बरदान पइले रहित चाहे इमान्दार नेता लोग हि त जिन्दा होते फ़ेरु मर जाइत लोग । हम किताब मे पढले रहनी रजनिति के मतलब देश के प्रति बफादारी,ईमान्दारी,देश-भक्ति,कर्मठता होला कह के । पर सयाद उ प्रिन्टिङ गड्बडि रहे जैसे लगता आज हामारा । काहे की इहा त निचे से उपर तक सब उल्टा बा घर भर खालि गिरगिट गिरगिट हि लौकता हामारा ।

देश के जनता भगवान या अल्लाह से या गाड से प्रर्थाना करे ला लोग त कहे ला लोग कि हे भगवान जी हमार दु:ख दुर कारी । हाम पाइसा कामये लागेम त अपने के मिठाई चाढायेएम । भागवान जी से आशिर्बाद माङेला लोग । पर नेता जि लोग भि प्रार्थना करे ला लोग । प्राथना करे के जगह ना बद्ले ला प्रार्थना के बस तरिका बदाल जाला । पहिले मिठाइ चाढाई लोग फिर प्रार्थना करि लोग । हे भगवान जी पाइसवा त कामा लेनि बस जौन भी पाप भईल होखे हामारा से सब माफ कार देहेम । नेता जि लोग भागवान जि से अशिर्बाद के जगह माफि माङेला लोग । एहिसे कहतानि रऔउवा के की हम नेता ना बनेम ।

वाइसे त कौनो भि घर औरत से अच्छा कौनो मर्द लोग ना चाला पावेला लोग कहे त हम सुनले रहनी पर अब देखे के भी मिल गइल पर अभि भि बिस्वास बा काहे कि दुनिया से अभि इमन्दारि, सच्चाई औरि सच्चा देश भक्त लोग खतम नैखे भइल । हामारा बिस्वास बा एक दिन जरुर कोइ आइ औरि देश के सहि दिशा मे सहि राह पर ले जाइ । अपने के एगो रचना हामारा बहुत पसन्द परल काहे की इ रचना साकारतमक सोच जनता जनर्धन मे लिया सकता ।

” काश नेता लोग जनता के दिल पर राज करते जनता भि आइसन नेता के उपर खुशि से नाज करते देश के दुरगति ना होइत कबहु अइसान सब कोइ मिल के देश के बिकास करते ।”

advertisement