टूटल जात-पात के बंधन, गिरल दहेज के दीवार – अइसन भईल एगो अंतरजातीय वियाह

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बिना दहेज अन्तरजातीय वियाह कईल जोड़ी त्रिलोकी प्रसाद पटेल आ रीना मेहता

”राह कँटीला-पथरीला, हवा भी ई मुँहज़ोर बा
लड़के-अड़के बढ़े के कोशिश ई जीतोड़ बा.”

वीरगंज, चइत १०

कुरीति हो भा बदलाव के चाह, समाज के बनल-बनावल साँचा के तोड़ल बड़ा मुश्किल बुझाला।लेकिन जे राह में बाधा बन रहल पत्थर से टकराके आगे बढ़ेला इतिहास हरमेशा ओके ईयाद करेला।

चैत १० गते २०७४ शनिचर के दिन समय के सुईआ पर्सा ज़िला के त्रिलोकी पटेल आ रीना मेहता के ईयाद करे ख़ातिर गीता मंदिर के प्रांगण में रूक गईल रहे।ईयाद बने के कारण रहे बिना दहेज के अंतरजातीय बियाह।बिना ताम-झाम आ दौलत के नुमाईश के दू आत्मा के मिलन ई बियाह के साक्षी बनल सम्पूर्ण वीरगंज समाज।

पर्सा ज़िला पकहामैनपुर गाऊँपालिकावार्ड न २ के एगो साधारण किसान रामधारी राउत के बेटा त्रिलोकी पटेल आ ज़िला विकास कार्यालय में कार्यालय सहजोगी के पद पर कार्यरत पकहामैनपुर गाँवपालिका वार्ड न १ धोरे के साधोलाल मेहता के बेटी रीना मेहता के बीच वीरगंज के गीता मंदिर में हिन्दू रीति रिवाज से बियाह सुसम्पन्न भईल।

दूल्हा पक्ष आ दूल्हिन पक्ष के सम्पूर्ण सदस्यन के उपस्थिति में भईल ई बियाह से समाज में एगो नयाँ धार के स्थापना भईल।दूल्हा त्रिलोकी पटेल जीवनसाथी के रूप में अपन साथी-अपन प्रेम रीना मेहता के पाके बहुते ख़ुश नज़र आवत रहनी।

नेपाल में भोजपुरी के एकमात्र ऑनलाइन समाचार वेबसाईट aapanbirgunj.com के संवाददाता से बात करत त्रिलोकी जी बतवनी कि लगभग दस साल से उनकरा आ रीनाजी के बीच एगो साथी एगो दोस्त के रिश्ता रहे। जीवन के तमाम उतार-चढ़ाव झंझावत में उहाँ के हरमेशा त्रिलोकी जी के साथ निभावत आरहल बानी।

आज से तीन साल पहिले जब त्रिलोकी जी अमेरिका जात रहनी तभीयो इनका बीच के दोस्ती के सम्बंध क़ायम ही रही एकर पूर्ण भरोसा त्रिलोकी जी के रहे। दूँनू के बीच भरोसा के ई सम्बंध समय के साथ आऊर मज़बूत होत गईल। प्रेम के छोट पौधा बड़का गाछी के रूप में परिणित भईल।

लेकिन ६ महीना पहिले जब त्रिलोकी जी आ रीना जी बियाह के बात चलवनी त उनकर राह आसान ना रहे। बहुत कोशिश कईला का बाद, आ हार ना माने के जज़्बा से दूनू आपन-आपन परिवार के मनावे में सफल भईल लोग। कहल भी जाला “जहवाँ चाह, ऊहवाँ राह”। समाज के एगो नयाँ दिशा देत, एगो मज़बूत संदेश देत आजू त्रिलोकी जी आ रीना जी नयाँ जीवन के शुरुआत कईनी।

बिना दहेज अंतरजातीय वियाह करके समाज मे उदाहरणीय काम कईला पर प्रसंसा-पत्र प्रदान करत सामाजिक अभियन्ता लोग ।

ई बियाह में सक्रिय भूमिका के निर्वाह कर रहल “बाल विवाह तथा दाईजो उन्मूलन राष्ट्रीय अभियान,नेपाल” के पर्सा अभियान संजोजक एवं सामाजिक अभियंता प्रकाश थारू फ़ोन प बात करत आपन वीरगंज के संवाददाता से बहुते ख़ुशी के साथ बतवनी कि “ई हमनीसन के बहुत दिन के तपस्या के प्रतिफल ह। दहेज प्रथा के निरुत्साहित करेवाला ई क़दम से अंतरजातीय बियाह के एगो बल मिली। अईसन बियाह में न जात-पात के बंधन न रोपेया-पईसा के कवनो खेल भईला से समाज में एगो मिसाल क़ायम होई.”

बियाह में उपस्थित सबेकेहु के चेहरा प ख़ुशी के साथ-साथ संतोष के भाव झलकत रहे। भविष्य में आगे के योजना का बा प बोलत त्रिलोकी जी बतवनी कि सादा जीवन उच्च विचार ही उनकर जीवन के दर्शन बा। कुरीति के विरोध में जेतना हो सकी ओतना सहजोग उ आवे वाला पुस्ता के करिहन।

ईहे अप्रिल १९ तारीख़ के उहाँ फेर अमेरिका जा रहल बाड़न। दहेज के विरोध समेत समाज में जेतना भी कुप्रथा बा ओकरा ख़िलाफ़ जेतना भी कठिनाई आई उहाँ के अडिग होके आगे बढ़त रहे के प्रतिबद्धता जतवनी।

AB(आपन वीरगंज) टीम के ओरिया से सफल भविष्य के कामना के साथ उनका ढेर शुभकामना!

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