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लेख

एक सवाल, अश्लीलता के खिलाप

भोजपुरी भाषा के ईतिहास बहुत पुरान बा । हमनी अभि जे कुछ भी देखऽतानी चाहे सुनऽतानी, भोजपुरी भाषा के एहाँ तक लेके आवे में बहुत लोग द्वारा संघर्ष भइल बा, ए बात से त सब केहु जानकार बा । बाकि आज ईतिहास के पन्ना जादे नइखे पल्टावे के । भोजपुरी भाषा के साहित्य आ संस्कृति […]

भोजपुरी के धरोहर व्यक्तित्व : बारा कचोर्वा के जनकवि हरिहर यादव

सब देवतन में देवता किसान बा हो भाई अन्न कहे पानी से लगब गुरूभाई, साँचे कह हमे तोहे कवन बनाई परिहत करेला परहित खेती पालो पाले जहान हरहरिस के जोग से भइया उब्जे धान किसान सब देवतन में देवता किसान हो भाई पर्वत पहाड़क काटी समतल बनाई, रहे शमशान जहाँ हीरा उब्जाई सब देवतन में […]

मनके कइसे मनाई ? जहाँ मधेशी-पहाड़ी के टिस अब ले बढले बा (घटना विस्तार )

हमनी बोडर पर रहेवाला लोग ए देश के बिना बर्दी के सिपाही हई । अगर केहु के देशभक्ति का होला सिखेके चाहे-जाने के बा त हमनी से सिख सकता । देशभक्ति का ह ? ई बात हमनी बच्चपने से बिना कवनो स्कुली शिक्षा के ही सिख जानी आ ओपर तटस्थ रहेनी । दोसर बात ईतिहास […]

भोजपुरी के धरोहर व्यक्तित्व : आदिकवि सन्त कबीर

कबीरदास सन्त रहनी । उहाँ के एकजने सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी कवि रहनी । उनकर जन्म विक्रम संवत १४५६ साल के जेठ पूर्णिमा के दिन भइल रहे । ऊ दिन सोमार रहे । कहल जाला कबीरदास एगो विधवा ब्रहमणी के बेटा रहली । लाज के मारे इनकर मतारी एगो पोखरा के किनारे छोड़ देले रहली । ऊ […]

सरस्वती पूजा के उदेश्य : अज्ञानता दुर करत सतज्ञान

विद्या के मतलब सतज्ञान ह । अर्थात जीवन के सार्थक बनावेवाला ज्ञान । ओहिसे जिनगी के हर क्षेत्र में सफलता पावे आ जीवन के उदेश्य पूर्ण बनावे खातिर सतज्ञान के जरुरत होला । खाली पढलिख के शिक्षित भईल मात्र आ डिग्री प्राप्त करत विद्धान बनत बडका–बडका पद में आसिन होत धन सम्पत्ति आर्जन खातिर पढाई […]

दहेज के कारण मुस्लिम समुदाय में भी बढत जा रहल तलाक के समस्या

मुस्लिम समाज में भी अभीन बहुत किसिम के भेदभाव कायम रहल हए। हिन्दू समुदाय में रहल जईसन बहुत किसिम के भेदभाव मुस्लिम समाज में भी रहल हए। तिलक प्रथा मुस्लिम समुदाय में भी रहल हए। वास्तव में ई प्रथा कवनों भी समाज के लेल उपयुक्त न हए। कवनों भी समाज के लेल ई प्रथा खराब […]

का हवे सिमसार दिवस? आ का बा ऐकर महत्व ?

संन्दर्भ- विश्व सिमसार दिवस ईशवर द्धारा ई पृथ्वी प्रकृति जगत मे ईहवाँ रहेवाला प्राणी जीव मात्र के रहे बाँचे खातिर भोजन, आवाश, सुरक्षा लगायत अनेकन माध्यम के ओइनस आवश्यक होखेवाला बस्तुसब के सृजना आ व्यवस्था सहित करत बाँचे जिए के आधार खडा भइल बात सर्व विदिते रहल बा । जउना व्यवस्था मुताविक मानव लगायत के […]

प्रदेश–२ : सोनाम ल्होसार मे सार्वजनिक छुट्टि

पर्सा । माघ १९ । प्रदेश २ के सरकार सोनाम ल्होसार मे सार्वजनिक छुट्टि देवेके घोषणा कईले बा । मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत सोनाम ल्होसार के दिन माघ २२ गते सार्वजनिक छुट्टि देवेके घोषणा कईलन । एहसे पहिले संघीय सरकार सोनाम ल्होसार के छुट्टि कटौती कईला बाद भी प्रदेश सरकार सार्वजनिक छुट्टि देवेवाला भईल बा । […]

सिमरौनगढ़ के भाषा के अस्तित्व

  मध्यकालीन भाषा सम्बन्धी जदि काठमाण्डु में रहल मल्लकालिन साहित्य के शोध कएल जाओ त एगो बहुत बड़का राज उजागर होख’लई जउन अभी ले सब केहु से लुकावल जाईत रहलै ह। सिमरौनगढ़ से अंग्रेज़ी के प्रोफ़ेसर सुनिल मिश्र जी एगो बात पर जोर देव’लईन कि बज्जिका न त भोजपुरी है, आ न मैथिलीए। एकर सबूत […]

दू नं प्रदेश के नामाकरण विवाद आ सुझाव (विचार )

  देश के सब दिनसे एकात्मकत सत्ता, एकात्मक शासन आ एकात्मक भाषा संस्कृति से अवजियाइल जानता, आपन हज़ारों के क़ुर्बानी का साथे एगो बहुत लम्बा आ बड़का लड़ाई का बाद मे संघीयता प्राप्त कइलक । जेकरा से जनता मे एगो बहुत बड़का उत्साह का साथे आश भी रहे । बाक़िर उ चिज कुछ शासक आ […]

भारतीय खुल्ला बोर्डर “मधेश खातिर बरदान कि अभिशाप”

  नेपाल एक अइसन भुगोलिय देश बा जवना के तिन ओर से भारत आ एक ओर से चीन देश के सिमाना घेरले बा । नेपाल के दक्षिणी हिस्सा मे पुर्व मेची से पश्चिम महाकाली तक मधेश भुभाग फैलल बा । ई मधेश भु–भाग भारतीय भुमि से जोडला के कारण से मधेश मे रहेवाला मधेशी के […]

भोजपुरी रत्न : भिखारी ठाकुर के संक्षिप्त परिचय

लोक कलाकार भिखारी ठाकुर के जन्म 18 दिसम्बर 1887 में बिहार के सारण जिला के कुतुबपुर गांव में भइल रहे । अपना जनम प भिखारी ठाकुर लिखत बानी कि – बारह सौ पंचानवे जहिया , सुदी पूस पंचिमी रहे तहिया । रोज सोमार ठीक दुपहरिया, जन्म भइल ओहि घरिया ॥ अपना जीवन चरित के बारे […]

जयन्ती विशेष : भोजपुरी के अनमोल रत्न, भोजपुरिया शेक्सपियर भिखारी ठाकुर के नमन

वीरगंज, पुष ४ । भोजपुरी भाषा के शेक्सपियर कहल जाए वाला भिखारी ठाकुर के १३१ वां जन्म जयंती काल्हू १८ दिसम्बर के रहे । भिखारी ठाकुर के बिना भोजपुरी साहित्य अधूरा बा । माटी से जुडल ई भाषा के माटी के पहचान से जोड़े में भिखारी ठाकुर के महत्वपूर्ण योगदान बा। जवना ज़माना में हिंदी […]

छठ महापर्व हमरा के खेत-खरिहान आ नदी से प्रीत करेके सिखावे ला …

छठ महापरब से हमार जुड़ाव बढ़त जा रहल बा। ई परब हमरा खेत-खरिहान आ नदी से प्रीत करे के सीखावे ला। छठ घाट के सूप-डाला आ केरा के पत्ता हमरा अपना ओरिया खींच लेवेला। नारियल फल के ऊपर सेंदूर आ पिठार के लेप के हम कईयन घंटा तकले निहारत रहेनी। गागर, निमो, सूथनी, डाब निमो […]

बजड़ी से बजड़ भईल भाई-बहीन के सनेह, धूमधाम से मनल गोवर्धन पूजा

वीरगंज, कातिक २३ आजू शुकरवार के दिन पूरा मधेश में बहीनलोग गोवर्धन पूजा का बाद भाई के बजड़ी खिया के उनकर लमहर उमिर के कामना कईलख लोग। गोवर्धन पूजा के लेके आजू सवेरही से ही औरतन लोग नहा धोके गाँव-शहर के चउक-चौराहा प गाई के गोबर से मूर्ति बनाके ओकरा के कूटके भाईयन लोग के […]

भोजपुरिया संकृति : बजड़ी विशेष – सरापे के,मुआवे के, जियावे के आ बजड़ी खिया के भाई के बज़्जड बनावे…

भोजपुरी संस्कृति एगो समृद्ध संस्कृति हऽ । भोजपुरिया लोग जहाँ जहाँ बइठल बा आपन संस्कृति के जोगा के रखले बा । ऊ लोकगीत होय भा संस्कार लोकगीत होय, हर चीज भोजपुरिया महासागर में अँटाइल बा । जन्म से लेके मरन तक लोकगीत भोजपुरिया समाज के विशेषता हऽ। दुनिया के अन्य संस्कृति से दुर्लभ बात हमनी […]

पबनी-तेहारः मिथक आ यथार्थ

नेपाल के पहाड़ी समुदाय में एगो मुहाबरा अति प्रचलित बाः– आइल दसईं ढोल बजावत । गइल दसईं रीन चढ़ावत ।। एसवो दसईं के मुख्य आकर्षण नवराता आ दसोदुरा ओरा गइल बा । कोजाग्रत पुरनमासी का साथे बाँकी धुमधड़ाका भी शांत हो गईल । एकरा बाद नया अन आ पुरान बस्तर पर गुजारा करेवाला लोग खासकके […]

भारतीय प्रम मोदी के अभिनंदन में भोजपुरी नईखे, काहे ?

वीरगंज, २६ बईशाख // भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी बईशाख २८ गते शुक्रवार के दिन नेपाल के जनकपुर आ रहल बानीं। प्रधानमंत्री मोदी के जनकपुर के जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना के कार्यक्रम बा । एह मोका प प्रदेश-२ के समूचा जनता के साथे-साथे पूरा नेपाल में हर्षोल्लास व्याप्त बा । प्रधानमंत्री मोदी के अईला से नेपाल-भारत […]

भाषा आ बाजार के संदर्भ में भोजपुरी

भूमि आ भूमिपुत्र पर कब्जा करे के क्रम में सामंती साम्राज्य के विकास भइल त बाजार के खोज में पूंजीवादी साम्राज्य के विकास भइल बा । विरान लोग के शासन से मुक्ति के क्रम में बितल शताब्दी के उत्तरार्ध में अनेको उपनिवेश स्वाधीनता प्राप्त कइलख त अड़ोसी–पड़ोसी के शासन यानी आंतरिक उपनिवेश से मुक्ति के […]

आजु के भोजपुरी गीत–संगीत के अवस्था पर एक नजर आ कईसे होई सुधार पर विचार

-संजय संयोग मानव सभ्यता के शुरुवात के सँगे ही गीत सग्ीत के शुरुवात भइल बात के पुष्टि हमनी के इतिहास बता रहल बा । काहे कि मानव जाति के ही ना ई पृथ्वि पर रहेवाला हरेक जीव–जानवर के संगीत से लगाव रहेला, जइसे सपेरा लोग बिन बजा के कइसनो जहरिला साँप के अपना बस में […]